ईरानी तेल लेकर भारत आ रहे जहाज ने अचानक बदल दिया रास्ता, चीन की ओर क्यों बढ़ रहा ‘पिंग शुन’? ईरानी तेल लेकर भारत आ रहे जहाज ने अचानक बदल दिया रास्ता, चीन की ओर क्यों बढ़ रहा ‘पिंग शुन’? INDIAN RAILWAY : रेलवे का बड़ा धमाका! अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन, यात्रियों को मिलेगी सुपर सुविधा छपरा के बाद अब इस जिले में डिप्टी सीएम का भूमि सुधार जन-कल्याण संवाद, 4 अप्रैल को जमीन से जुड़ी समस्या सुनेंगे विजय सिन्हा छपरा के बाद अब इस जिले में डिप्टी सीएम का भूमि सुधार जन-कल्याण संवाद, 4 अप्रैल को जमीन से जुड़ी समस्या सुनेंगे विजय सिन्हा BIHAR BHUMI : अब नहीं चलेगा बहाना! बिहार सरकार ने बदल दिए दाखिल-खारिज के नियम, अफसरों की बढ़ेगी टेंशन पटना एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान युवक के बैग से मिली तीन गोलियां, पूछताछ जारी; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पटना एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान युवक के बैग से मिली तीन गोलियां, पूछताछ जारी; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट Bihar Teacher News : ऑनलाइन हाजिरी का खेल पकड़ में आया, 19 शिक्षक पकड़े गए, कई का वेतन रुका; पूरा मामला जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर क्या लेंगे आप… 1 किलो आम या लग्जरी बाइक? जानिए इस ‘लाल सोने’ की कीमत जिसे जानकर हर कोई दंग रह जाएगा!
22-Dec-2021 11:10 AM
PURNEA : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का ब्राह्मण समाज और हिन्दू देवी देवताओं पर दिया गया बयान निंदनीय. मांझी के बयान की हर कोई आलोचना कर रहा है. पैनोरमा ग्रुप के प्रबंध निदेशक सह समाजसेवी संजीव मिश्रा ने जीतन राम मांझी के बयान पर आक्रोश जताया है. उन्होंने कहा कि मांझी पूर्व में भी प्रभु श्री राम के अस्तित्व पर सवाल कर हिन्दू आस्था को आहत किए हैं. संजीव मिश्रा ने कहा कि मांझी को समय रहते सम्पूर्ण भारतवर्ष के हिन्दूओं एवं ब्राह्मण समाज से माफी मांगनी चाहिए.
गौरतलब है कि पटना में आयोजित ‘भुइया मिलन समारोह’ में जीतन राम मांझी ने ब्राह्मणों पर आपत्तिनजक बयान दिया था. उनका यह विवादित बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. जिसके बाद उनके इस बयान की सभी भर्त्सना कर रहे हैं उनके इस विवादित बयान से कई लोगों को ठेस पहुंची है.
हालांकि बाद में मांझी ने अपने बयान को लेकर सफाई भी दी है. मांझी ने कहा -"मै ब्राम्हण नहीं ब्राम्हणवाद के खिलाफ हूं" पंडितों के खिलाफ बोले गए मेरे शब्द”स्लिप ऑफ टंग”हो सकता है जिसके लिए मैं खेद प्रगट करता हूं. वैसे मैं ब्राम्हण नहीं ब्राम्हणवाद के खिलाफ हूं. मांझी ने स्पष्ट किया कि ब्राम्हणवाद दलितों से नफरत करता है, दलितों को अछूत बताता है, गले में हडिया, कमर में झाडू, पैर में घूंघरू बंधवाया है. इनका विरोध जारी रहेगा.