अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
14-Oct-2020 09:39 PM
PATNA : बेगूसराय जिले में जनता दल यूनाइटेड के लिए सबसे सुरक्षित माने जाने वाली मटिहानी सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। मटिहानी से जेडीयू के मौजूदा विधायक बोगो सिंह लगातार चार बार जीत हासिल कर चुके हैं और पांचवी बार भी उन्होंने जीत का दावा किया है। वह अपना नामांकन मंगलवार को ही दाखिल कर चुके हैं लेकिन अब नीतीश कुमार के इस सबसे मजबूत विधायक के खिलाफ चिराग पासवान ने बड़ा दांव खेल दिया है।
लोक जनशक्ति पार्टी मटिहानी विधानसभा सीट से राजकुमार सिंह को उम्मीदवार बनाने जा रही है। राजकुमार सिंह को पार्टी ने सिंबल भी जारी कर दिया है। बेगूसराय के इलाके में कभी रॉबिनहुड के नाम से फेमस रहे स्वर्गीय कामदेव सिंह के बेटे राजकुमार सिंह की पकड़ इलाके में मजबूत मानी जाती है। पार्टी ने उन्हें बहुत सोच समझकर बोगो सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा है। राजकुमार सिंह ने लोक जनशक्ति पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह से मुलाकात की है और यह माना जा रहा है कि अब सूरजभान भी बेगूसराय की स्थिति पर अपने तरीके से चुनावी प्रबंधन करेंगे।
मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद बोगो सिंह ने ना केवल अपनी जीत का दावा किया था बल्कि सीपीआई के नेता कन्हैया कुमार को बंदर तक बता दिया था। लेकिन अब उन्हें मटिहानी सीट पर खुद कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। बोगो सिंह खुद भी अपनी ही सरकार के सिस्टम और अफसरशाही को लेकर आलोचना करते रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व के साथ खड़े होने के बावजूद उन्होंने बिहार में अफसरशाही को लेकर लगातार सरकार की पोल खोली है। ऐसे में यह भी देखना दिलचस्प होगा कि बोगो सिंह अपनी ही सरकार की खामियों से बचते बचाते कैसे चिराग के इस दांव का मुकाबला करते हैं।