दिल्ली में शाहनवाज हुसैन के आवास पर ईद मिलन समारोह, नितिन नबीन-चिराग पासवान सहित कई बड़े नेता रहे मौजूद मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच
29-Jun-2020 03:07 PM
By Aryan Anand
PATNA : बिहार विधान परिषद की 9 सीटों के लिए नामांकित सभी 9 उम्मीदवार निर्वाचित घोषित कर दिए गये हैं। सभी प्रत्याशियों को जीत का सर्टिफिकेट सौंपा गया है। चुनाव में आज नाम वापसी के आखिरी दिन समय सीमा खत्म होने के साथ ही सभी 9 उम्मीदवार आज निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गये। विधानसभा कोटे से विधान परिषद के लिए जिन उम्मीदवारों ने नामांकन किया है उनमें जेडीयू के तीन बीजेपी के दो आरजेडी के तीन और कांग्रेस के एक उम्मीदवार शामिल हैं।

जेडीयू ने विधान परिषद के लिए गुलाम गौस, भीष्म साहनी और डॉ कुमुद वर्मा निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं जबकि बीजेपी से संजय मयूख और सम्राट चौधरी को विजेता घोषित किया गया है। आरजेडी ने अपने कोटे से फारुख शेख, सुनील कुमार सिंह और रामबली सिंह को उम्मीदवार बनाया था जबकि कांग्रेस उम्मीदवार समीर सिंह ने भी अपना नामांकन दाखिल किया था। सभी को निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। 9 सीटों के लिए कुल 9 उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में थे लिहाजा सब का निर्विरोध निर्वाचन तय था।

विधान परिषद के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 25 जून थी। 26 जून को नामांकन पत्र की जांच की गई थी। इस पूरे चुनाव में कांग्रेस से की उम्मीदवारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। कांग्रेस ने पहले तारीक अनवर को विधान परिषद का उम्मीदवार बनाया था लेकिन वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के कारण तकनीकी वजहों से उनका नाम नामांकन से ठीक पहले कट गया। तारिक अनवर की जगह कांग्रेस ने बिहार के कार्यकारी अध्यक्ष समीर सिंह को मौका दिया लेकिन समीर सिंह के नामांकन पत्र में भी कई चीजों को लेकर जेडीयू की तरफ से आपत्ति दर्ज कराई गई। हालांकि बाद में निर्वाचन आयोग में उनके नामांकन को सही पाया।







