मुजफ्फरपुर में हजरत दाता कंबल शाह का 144वां उर्स: पुलिस की चादर जुलूस, अमन-चैन की मांगी दुआ आरा में बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी जन सुराज को फिर से खड़ा करने में जुटे प्रशांत किशोर, 15 नए प्रदेश महासचिव की लिस्ट जारी छपरा पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बोले..जन समस्याओं का होगा त्वरित समाधान बिहार में 6 अप्रैल से स्कूल का नया टाइमटेबल: 7 बजे से पहले बजेगी घंटी चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर ब्लास्ट से हड़कंप, जांच में जुटीं पुलिस करप्शन किंग SDPO को हटाया गया: PHQ ने वापस बुलाया, EOU की रेड में करीब 80 करोड़ की संपत्ति का खुलासा टेंट हाउस के मालिक पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप, आक्रोशित लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा पटना में अगलगी की दो घटना: एंबुलेंस में लगी आग, AC फटने से नर्सिंग होम में मची अफरा-तफरी बिहार के इस जिले में नई चीनी मिल...100 एकड़ भूमि चिन्हित, गन्ना उद्योग विभाग के ACS ने जमीन का किया निरीक्षण
19-Nov-2024 09:19 AM
By First Bihar
MUZAFFARPUR: बिहार में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जालसाजों ने एसकेएमसीएच का फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाकर बीमा कंपनी से लाखों रुपए ठगने की कोशिश की है। जांच के दौरान मधुबनी और शिवहर के पांच मृतकों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट फर्जी पाए गए हैं। जिनके आधार पर 40 लाख रुपए से अधिक का दावा किया गया है।
इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब बीमा कंपनी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच कराई। जांच के दौरान एफएमटी विभाग ने पांचों रिपोर्ट को फर्जी बताया है। पटना से कंपनी के जांचकर्ता दीपक कुमार एसकेएमसीएच पहुंचे थे और उन्होंने पांचों मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सत्यापन की मांग की।
ये सभी फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट 13 और 31 मई को बनाए गए हैं। मृतकों के नाम रमन पांडेय, राहुल कुमार, राकेश कुमार, राकेश पांडेय और अमन किशोर हैं। एसकेएमसीएच की प्राचार्य के निर्देश पर जब जांच कराई गई तो पांचों पोस्टमार्टम रिपोर्ट फर्जी पाए गए हैं हालांकि बड़ी बात यह सामने आई है कि जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाए गए हैं वह एसकेएमसीएच के फॉर्मेट पर ही बने हुए हैं।
ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि आखिर जिन लोगों ने फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनवाया उनके पास एसकेएमसीएच का असरी फॉर्मेट कैसे पहुंच गया। एक ही तारीख में कई पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी होने के बाद इश फर्जीवाड़े के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ होने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना होगा कि एसकेएमसीएच इस मामले में क्या कदम उठाता है।