25 से 29 मार्च तक पटना में सबसे बड़ी चेस रेटिंग प्रतियोगिता, रूस-जिंबाब्वे और नेपाल के दिग्गज खिलाड़ी हो रहे शामिल भतीजे ने पैर छुकर आशीर्वाद लिया तो नरम हो गये पशुपति पारस, कहा..खून का रिश्ता कभी समाप्त नहीं हो सकता बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, पूर्व मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, रोते हुए BJP नेता ने की कार्रवाई की मांग बेगूसराय में 12 घंटे में तीसरी वारदात, नाबालिग छात्र आयुष की गोली मारकर हत्या दो सगे भाइयों से शादी रचाने वाली महिला प्रेग्नेंट, घर में आने वाला है नया मेहमान बिहटा में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन, ग्रोथ हार्मोन थेरेपी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी बेलगाम स्कॉर्पियो ने 2 युवतियों को रौंदा, मौत से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में गोल संस्थान का शानदार प्रदर्शन, कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, कोचिंग के छात्रों ने मनाया सफलता का उत्सव बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, सासाराम में जमीन के लिए हत्या बिहार दिवस 2026: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने बांधा समां, शक्ति आराधना और देशभक्ति का अद्भुत संगम
28-Jul-2024 10:22 PM
By First Bihar
KISHANGANJ: किशनगंज में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिन दस्तावेज के जरिए नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलने वाले है वह कागजात शिक्षा विभाग के टॉयलेट में रखे बस्टबिन से मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। 700 नियोजित शिक्षकों के सर्टिफिकेट गायब थे और जब उनकी खोजबीन शुरू की गई तो 630 शौचालय के डस्टबिन में मिले जबकि 70 नियोजित शिक्षकों के सर्टिफिकेट अब भी गायब हैं।
दरअसल, आगामी एक अगस्त से नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए काउंसिलिंग की शुरुआत होने जा रही है। जिसको देखते हुए किशनगंज की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नूपुर कुमार के नोटिस के बाद जब नियोजित शिक्षकों के कागजातों की खोजबीन शुरू हुई तो 700 नियोजित शिक्षकों के दस्तावेज गायब मिले। इसके बाद कार्यक्रम पदाधिकारी के कार्यालय में तैनात कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया।
इसके बाद कागजातों की खोजबीन शुरू की गई तो कूड़े और शौचालय में रखे डस्टबिन से 630 नियोजित शिक्षकों के दस्तावेज मिले लेकिन 70 नियोजित शिक्षकों के सर्टिफिकेट अब भी लापता हैं ऐसे में शिक्षकों में इसको लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। नियोजित शिक्षकों ने शिक्षा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि अगर समय से दस्तावेज नहीं मिले तो उनकी काउंसिलिंग कैसे होगी?