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28-Apr-2020 06:42 PM
PATNA : कोरोना के संक्रमण से सतर्कता के लिए आरोग्य सेतु एप का लगातार लोग इस्तेमाल कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एप को इंस्टॉल कर लोगों को सचेत रहने की सलाह दे चुके हैं लेकिन अब केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने लोगों से रिस्ट बैंड के जरिए आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज देश भर के आईटी मंत्रियों के साथ इस मामले को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की है.
मोदी ने बताया कि बिहार में अब तक 38 लाख लोगों ने आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड किया है जिनमें पटना में सर्वाधिक 5.62 लाख व मुजफ्फरपुर में 1.81 लाख लोग शामिल हैं. प्रवासी बिहारियों को 1-1 हजार की मदद हेतु मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के कार्यान्वयन के लिए जारी लिंक जिसकी पूरे देश में सराहना हो रही है की प्रक्रिया को झारखंड व यूपी के साथ साझा किया गया है. जियो फेंसिंग तकनीक पर आधारित इस लिंक को बिहार और नेपाल में रहने वाला कोई व्यक्ति क्लिक नहीं कर पायेगा. इसमें आधार व बैंक खाता बिहार का होना चाहिए तथा इसकी सेल्फी भी जियो टैंगिंग हैं जिसका जिलों में पदाधिकारी आधार के फोटो से मिलान करते हैं.
लाॅकडाउन के दौरान 57 जेलों में बंद कैदियों से उनके 1836 परिजनों को ई-मुलाकात एप के जरिए विडियो कान्फ्रेंसिंग कराई गई है. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के बंद होने के बावजूद ‘आंगनबाड़ी पोर्टल’ के जरिए आधार व बैंक खातों का संग्रह किया गया है जिससे एक करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को लाभ मिलेगा. आईटी के सहयोग से राज्य के 30 जिलों में गाड़ियों व व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन ई- कर्फ्यू पास की व्यवस्था लागू की गई है.
इसके अलावा ‘बिहार आपदा सहयोग’ पोर्टल पर आधार व बैंक खाता का डेटा संग्रह कर उससे राशन कार्ड के डेटा का मिलान किया जा रहा है ताकि डुप्लीकेट कार्ड निर्गत न हो सके. इसके साथ ही 5 हजार करोड़ से ज्यादा की कोरोना राहत राशि आधार आघारित बैंक खातों में पीएफएमएस प्लेटफाॅर्म का इस्तेमाल कर सीघे भेजी जा रही है.