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02-May-2022 04:26 PM
By Sonty Sonam
BANKA : बिहार में पहली बार चोरों ने लोहे का पूरे का पूरा पुल चुराकर सबको हैरत में डाल दिया था। कुछ ही महीने पहले शातिर चोरों ने रोहतास में करीब 60 फीट लंबे लोहे के पुल को चुरा लिया था। इसके बाद जहानाबाद में भी ब्रिटिश काल के बने लोहे के पुल को काटे जाने की खबरें सामने आई। अब बांका से भी पुल चोरी का एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां भी चोर लोहे के पुल को टुकड़ों में काटकर उसकी चोरी कर रहे हैं, लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं है। घटना बांका के चानन प्रखंड की है।
बांका के कांवरिया पथ पर बने इस लोहे के पुल का अधिकतर हिस्सा चोरी हो चुका है। शातिर चोरों ने गैस कटर की मदद से पुल का करीब 70 फीसदी हिस्सा काट लिया है। चोर धीरे-धीरे पुल का एक एक हिस्सा काट रहे हैं लेकिन इसकी जानकारी किसी को नहीं। पुलिस की मानें तो कांवरिया पथ पर ऐसे पुल की न तो कोई जानकारी है और ना ही किसी ने पुल के चोरी होने की कोई सूचना दी है।ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चोर पुल को काटकर चोरी कर रहे हैं। इलाके के लोगों ने इसकी जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते विभाग और पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाया तो आने वाले समय में रोहतास की तरह बांका का यह पुल भी पूरी तरह से गायब हो जाएगा।
दरअसल, साल 2004 में कांवरिया पथ के झाझा और पटनिया को जोड़ने के लिए इस पुल का निर्माण कराया गया था। पुल नहीं होने के कारण श्रावणी मेले के दौरान कांवरिया को झाझा से पटनिया धर्मशाला जाने में काफी परेशानी होती थी। कांवरिया की सुविधा को देखते हुए इस पुलिया का निर्माण कराया गया था। इस पुल के निर्माण होने के बाद देवघर जाने वाले कांवरिया को काफी सुविधा हो गई। बाद में पक्के पुल का निर्माण होने से यह लोहे का पुल पूरी तरह से उपेक्षित हो गया था।
गौरतलब है कि पहली बार रोहतास के नासरीगंज थाना क्षेत्र के अमियावर में आरा कैनाल नहर पर सन 1972 के आसपास बनाए गए लोहे के पुल को चोरों ने दिनदहाड़े चुरा लिया था। विभागीय अधिकारी बन कर कुछ लोग जेसीबी, पिकअप वैन, गैस कटर तथा गाड़ियां लेकर पहुंचे और 3 दिनों में काटकर पूरा पुल ही गायब कर दिया। सबसे मजे की बात है कि सिंचाई विभाग के अधिकारी होने का झांसा देकर चोरों ने स्थानीय विभागीय के कर्मियों की मदद भी ली और उनकी मौजूदगी में पूरा का पूरा पुल चुरा लिया। बाद में पुलिस ने आरजेडी नेता समेत विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस मामले में गिरफ्तार किया था।