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07-Feb-2021 04:22 PM
PATNA : केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ बिहार के किसानों में भी गुस्सा बढ़ रहा है. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के किसान चौपाल में बिहार के किसान अपने गुस्से का इजाहर खुल कर रहे हैं. कृषि कानूनों के खिलाफ रालोसपा का किसान चौपाल कार्यक्रम 2 फरवरी से बिहार में शुरू हो चुका है. किसान चौपाल 28 फरवरी तक लगाया जाएगा. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक, प्रदेश प्रवक्ता व महासचिव धीरज सिंह कुशवाहा, रालोसपा के कार्यकारी अधयक्ष बीके सिंह और संतोष कुशवाहा ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले की जानकारी दी. प्रेस कांफ्रेंस में किसान प्रकोष्ठ के प्रधान महासचिव रामशरण कुशवाहा, कार्यालय प्रभारी अशोक कुशवाहा और प्रदेश महासचिव भुनेश्वर कुशवाहा भी मौजूद थे.
किसान चौपाल की जानकारी देते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि पूरे बिहार के किसानों में इसका बेहतर संदेश गया है और रालोसपा व कार्यकर्ता उन्हें बताने में सफल हो रहे हैं कि इन कानूनों में क्या काला है. मल्लिक और धीरज ने बताया कि इन कृषि कानूनों में सफेद कुछ भी नहीं है, सच तो यह है कि पूरा कानून ही काला है और यह अगर पूरी तरह लागू हो गया तो किसान अपने खेतों में ही मजदूरी करने के लिए मजबूर हो जाएगा.
संतोष कुशवाहा ने कहा कि वे बांका, जमुई, नवगछिया सहित कई जिलों का दौरा कर लौटे हैं और वहां किसानों में उबाल है. इन कृषि कानूनों को लेकर जल्द ही बिहार में भी किसान आंदोलन शुरू करने और सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहा है. रालोसपा इन कानूनों की खामियों की चर्चा पार्टी के कार्यक्रम किसान चौपाल में कर रही है और किसानों व आम लोगों को बता रही है कि तीन कृषि कानून दरअसल किसानों के लिए डेथ वारंट है.