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08-May-2021 06:44 PM
By SANT SAROJ
SUPAUL : बिहार में कोरोना से त्राहिमाम मचा है. सरकार की व्यवस्था पर कई सारे सवाल खड़ा हो रहे हैं. ताजा मामला बिहार के सुपौल जिले की है, जहां एक कोरोना मरीज की मौत के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. मृतक मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया है कि एम्बुलेंस और ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीज की जान गई है. इस घटना का वीडियो और फोटो भी सामने आया है, जो काफी विचलित करने वाला है. फोटो में एक मरीज बीच रोड पर लेटा हुआ दिख रहा है.
घटना सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज की है, जहां बुनियादी केंद्र में बने कोविड केयर सेंटर में एक कोरोना मरीज की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मरीज को जीते जी ऑक्सीजन तो नहीं मिला लेकिन उसकी मौत के बाद सड़क पर लिटाकर उसे ऑक्सीजन दे दिया गया. इस घटना से जुड़ी हुई जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसने संवेदना को झकझोर कर रख दिया है.

मृतक के परिजन ने बताया कि "ज्यादा तबीयत खराब हुई तो हमलोग मरीज को अनुमंडलीय अस्पताल लेकर आये. इसे बुनयादी केंद्र में बने कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया. जिस समय इस मरीज को इस कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया गया था, उस समय इस मरीज का ऑक्सीजन लेवल 65 था. अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं थे. सिर्फ़ नर्स थी. कुछ देर बाद जब डॉक्टर पहुँचे तो इसकी नाज़ुक स्थिति को देखते हुए इसे तुरंत ही रेफर कर दिया औऱ रेफर करने के बाद बुनियादी केंद्र के सीढ़ी पर इसे तड़पता छोड़ दिया."

परिजन बताते हैं कि वे लोग एम्बुलेंस की मांग भी करते रहे. मरीज को ऑक्सीजन लगाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी. उन्होंने ऑक्सीजन सिलिंडर देकर छोड़ दिया. देखते ही देखते पेसेंट की ऑक्सीजन औऱ एम्बुलेंस के अभाव में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि दिन के 12 बजे पेशेंट को रेफर करने के बाद तकरीबन 4 घंटों बाद भी एम्बुलेंस नसीब नहीं हुआ. परिजन एम्बुलेंस औऱ ऑक्सीजन के लिए अस्पताल औऱ अधिकारियों से मांग करते रहे लेकिन इनकी परेशानी को न तो कोई सुनने वाला था और न ही समझने वाला.

अस्पताल में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि जब इस मरीज को यहाँ लाया गया था, उस समय इसका ऑक्सीजन लेवल कम पैंतीस था. हमलोग भी यहाँ मौजूद स्वस्थकर्मी से बोले इसे अविलंब ऑक्सीजन लगाइए लेकिन लापरवाह स्वास्थ्य व्यवस्था के आगे इस पेसेंट ने दम तोड़ दिया. घटना की सूचना के बाद स्थानीय थानाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह और अपर अनुमंडल पदाधिकारी प्रमोद कुमार दल बल के साथ यहां पहुँचे. मामले को शांत कराने में जुट गए और उन्होंने जांच के बाद आरोपियों पर कार्रवाई की बात कही.
