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01-Feb-2023 11:25 PM
By MUKESH SHRIVASTAVA
PATNA: बिहार के प्रशासनिक गलियारे से बड़ी खबर आ रही है. निलंबित चल रहे आईपीएस अधिकारी राकेश दुबे के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने केस दर्ज कर लिया है. आय से अधिक संपत्ति मामले में बिहार की आर्थिक अपराध इकाई यानि ईओयू पहले से ही राकेश दूबे के खिलाफ केस दर्ज कर जांच कर रही है. अब राकेश कुमार दुबे की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. उनके खिलाफ ईडी ने भी प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट यानि पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया है.
ईडी ने राकेश दुबे के खिलाफ इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट दर्ज की है. उसके बाद उनसे जुड़ी सभी संपत्ति की जांच शुरू कर दी गयी है. ईडी ये पता लगा रही है कि राकेश दुबे ने कहां-कहां निवेश कर रखा है. उनकी संपत्ति की पूरी जानकारी नए सिरे से इकट्ठा की जाएगी. ईडी की जांच पड़ताल में अगर राकेश दुबे पीएमएलए मामले में दोषी पाये जाते हैं तो उनकी सभी संपत्ति जब्त हो सकती है. प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत सात साल की सजा भी दी जा सकती है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने राकेश दुबे को पूछताछ के लिए बुलाया है. ईडी के सहायक निदेशक राजीव रंजन द्वारा ने राकेश दुबे को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है. उन्हें अगले दो सप्ताह में ईडी कार्यालय में पेश होकर पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि ईडी ने कुछ कारणों से पूछताछ की सही तारीख का खुलासा नहीं किया है.
बता दें कि बिहार पुलिस सेवा के अधिकारी रहे राकेश दुबे को 2020 में आईपीएस में प्रमोशन मिला था. इसके बाद उन्हें 2021 में आरा का एसपी बनाया गया था. इसी बीच बालू के अवैध खनन में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर राज्य सरकार ने आर्थिक अपराध ईकाई को जांच का जिम्मा सौंपा था. आर्थिक अपराध इकाई ने अपनी जांच में पाया कि राकेश दुबे ने बालू माफियाओं के सांठगांठ कर बड़ी मात्रा में अवैध कमाई की. आर्थिक अपराध इकाई का आरोप है कि आरा के तत्कालीन एसपी राकेश दुबे ने कई बालू माफियाओं को संरक्षण भी दिया था. इसके बाद सितंबर 2021 में आर्थिक अपराध इकाई ने राकेश दुबे के खिलाफ डीए केस दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की थी.
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में ये पाया गया कि राकेश दुबे ने अपने सेवाकाल के दौरान कभी बैंक से अपना वेतन निकाला ही नहीं. आर्थिक अपराध इकाई का आरोप है कि राकेश दुबे ने अवैध कमाई से पटना औऱ नोएडा के अलावा झारखंड में कई स्थानों पर होटल, घर, फ्लैट और जमीन के कई प्लॉट खरीदे हैं. राकेश दुबे पर पटना के कुछ बिल्डरों की कंपनी में काली कमाई का निवेश का भी आरोप लगा है. आर्थिक अपराध इकाई की जांच इस मामले में अब तक पूरी नहीं हुई है. इस बीच बिहार सरकार के आर्थिक अपराध ईकाई ने ईडी से कार्रवाई की अनुशंसा की थी. इसके बाद ही ईडी ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.
PATNA: बिहार के प्रशासनिक गलियारे से बड़ी खबर आ रही है. निलंबित चल रहे आईपीएस अधिकारी राकेश दुबे के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने केस दर्ज कर लिया है. आय से अधिक संपत्ति मामले में बिहार की आर्थिक अपराध इकाई यानि ईओयू पहले से ही राकेश दूबे के खिलाफ केस दर्ज कर जांच कर रही है. अब राकेश कुमार दुबे की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. उनके खिलाफ ईडी ने भी प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट यानि पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया है.
ईडी ने राकेश दुबे के खिलाफ इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट दर्ज की है. उसके बाद उनसे जुड़ी सभी संपत्ति की जांच शुरू कर दी गयी है. ईडी ये पता लगा रही है कि राकेश दुबे ने कहां-कहां निवेश कर रखा है. उनकी संपत्ति की पूरी जानकारी नए सिरे से इकट्ठा की जाएगी. ईडी की जांच पड़ताल में अगर राकेश दुबे पीएमएलए मामले में दोषी पाये जाते हैं तो उनकी सभी संपत्ति जब्त हो सकती है. प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत सात साल की सजा भी दी जा सकती है.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने राकेश दुबे को पूछताछ के लिए बुलाया है. ईडी के सहायक निदेशक राजीव रंजन द्वारा ने राकेश दुबे को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है. उन्हें अगले दो सप्ताह में ईडी कार्यालय में पेश होकर पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि ईडी ने कुछ कारणों से पूछताछ की सही तारीख का खुलासा नहीं किया है.
बता दें कि बिहार पुलिस सेवा के अधिकारी रहे राकेश दुबे को 2020 में आईपीएस में प्रमोशन मिला था. इसके बाद उन्हें 2021 में आरा का एसपी बनाया गया था. इसी बीच बालू के अवैध खनन में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर राज्य सरकार ने आर्थिक अपराध ईकाई को जांच का जिम्मा सौंपा था. आर्थिक अपराध इकाई ने अपनी जांच में पाया कि राकेश दुबे ने बालू माफियाओं के सांठगांठ कर बड़ी मात्रा में अवैध कमाई की. आर्थिक अपराध इकाई का आरोप है कि आरा के तत्कालीन एसपी राकेश दुबे ने कई बालू माफियाओं को संरक्षण भी दिया था. इसके बाद सितंबर 2021 में आर्थिक अपराध इकाई ने राकेश दुबे के खिलाफ डीए केस दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की थी.
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में ये पाया गया कि राकेश दुबे ने अपने सेवाकाल के दौरान कभी बैंक से अपना वेतन निकाला ही नहीं. आर्थिक अपराध इकाई का आरोप है कि राकेश दुबे ने अवैध कमाई से पटना औऱ नोएडा के अलावा झारखंड में कई स्थानों पर होटल, घर, फ्लैट और जमीन के कई प्लॉट खरीदे हैं. राकेश दुबे पर पटना के कुछ बिल्डरों की कंपनी में काली कमाई का निवेश का भी आरोप लगा है. आर्थिक अपराध इकाई की जांच इस मामले में अब तक पूरी नहीं हुई है. इस बीच बिहार सरकार के आर्थिक अपराध ईकाई ने ईडी से कार्रवाई की अनुशंसा की थी. इसके बाद ही ईडी ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.