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30-Sep-2024 11:30 AM
By First Bihar
SUPAUL: कोसी बराज से पड़ोसी देश नेपाल की तरफ से पानी छोड़ने के बाद बिहार के सुपौल समेत अन्य जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नीचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने के कारण हालत बिगड़ते जा रहे हैं। हजारों लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन के स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है जो नाकाफी साबित हो रहा है। सोमवार को बाढ़ पीड़ितों के धैर्य वने जवाब दे दिया और गुस्साए लोगों रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया।
रेलवे ट्रैक के जाम होने के कारण सहरसा-लहेरियासराय रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। बाढ़ पीड़ितो ने मदद की मांग को लेकर सहरसा से फारबिंसगंज जा रही डेमू ट्रेन को सुपौल के थरबिटिया-सरायगढ़ के बीच रोक दिया और राहत सामग्री की समुचित व्यवस्था करने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही रेल पुलिस और रेलवे के अधिकारियों के साथ साथ जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और गुस्साए लोगों को समझा बुझाकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
बता दें कि बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि जिला प्रशासन की तरफ से जितनी मदद चाहिए उतनी मदद नही दी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के समक्ष तमाम तरह की परेशानियां सामने आ गई हैं। बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। जिला प्रशासन की तरफ से जितनी मदद दी जा रही है वह नाकाफी साबित हो रही है। ऐसे में जिला प्रशासन और सरकार तक अपनी बात को पहुंचाने के लिए उन्होंने इस रास्ते को चुना।
SUPAUL: कोसी बराज से पड़ोसी देश नेपाल की तरफ से पानी छोड़ने के बाद बिहार के सुपौल समेत अन्य जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नीचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने के कारण हालत बिगड़ते जा रहे हैं। हजारों लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन के स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है जो नाकाफी साबित हो रहा है। सोमवार को बाढ़ पीड़ितों के धैर्य वने जवाब दे दिया और गुस्साए लोगों रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया।
रेलवे ट्रैक के जाम होने के कारण सहरसा-लहेरियासराय रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। बाढ़ पीड़ितो ने मदद की मांग को लेकर सहरसा से फारबिंसगंज जा रही डेमू ट्रेन को सुपौल के थरबिटिया-सरायगढ़ के बीच रोक दिया और राहत सामग्री की समुचित व्यवस्था करने की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही रेल पुलिस और रेलवे के अधिकारियों के साथ साथ जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और गुस्साए लोगों को समझा बुझाकर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
बता दें कि बाढ़ पीड़ितों का आरोप है कि जिला प्रशासन की तरफ से जितनी मदद चाहिए उतनी मदद नही दी जा रही है। बाढ़ प्रभावित लोगों के समक्ष तमाम तरह की परेशानियां सामने आ गई हैं। बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। जिला प्रशासन की तरफ से जितनी मदद दी जा रही है वह नाकाफी साबित हो रही है। ऐसे में जिला प्रशासन और सरकार तक अपनी बात को पहुंचाने के लिए उन्होंने इस रास्ते को चुना।