ब्रेकिंग न्यूज़

बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध BIHAR: गांव के दबंगों ने दलित युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार Bihar News: गंगा में नहाने गए चार दोस्त… अचानक गहराई में समाए, दो की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम

Home / news / बिहार आकर नीतीश का नाम लेना भी क्यों भूल गये जेपी नड्डा!

बिहार आकर नीतीश का नाम लेना भी क्यों भूल गये जेपी नड्डा!

05-Nov-2019 03:50 PM

PATNA: BJP का कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली दफे बिहार दौरे पर आये जेपी नड्डा नीतीश कुमार का नाम लेना भी क्यों भूल गये. नीतीश कुमार तो छोड़िये नड्डा ने बिहार में जदयू-भाजपा गठबंधन की चर्चा तक नहीं की. सियासी हलके में ऐसी ही चर्चाओं का बाजार गर्म है.


मोदी नाम केवलम

पटना से गहरा ताल्लुक रखने वाले जेपी नड्डा आज जब कार्यकारी अध्यक्ष बनकर पहली दफे बिहार आये तो लोगों की उम्मीद थी कि वे जदयू-भाजपा गठबंधन को लेकर अपनी राय रखेंगे. कुछ दिन पहले बिहार में विधानसभा के उप चुनाव हुए हैं और उसमें एनडीए की करारी हार हुई है. लेकिन नड्डा ने भाजपा और जदयू के गठबंधन से लेकर नीतीश कुमार पर एक शब्द नहीं बोला. स्व. कैलाशपति मिश्र की पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह में उन्होंने बिहार में सरकार के कामकाज की तो चर्चा की लेकिन नीतीश का नाम लिये बगैर. इस कार्यक्रम में पूरे सूबे से भाजपा कार्यकर्ता जुटे थे. उम्मीद थी कि नड्डा उन्हें अगले साल होने वाले विधानसभा को लेकर कोई रास्ता दिखायेंगे. लेकिन नड्डा के भाषण में आगे की सियासत की कोई चर्चा नहीं हुई. भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष के भाषण का ज्यादातर हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने में ही बीता. अमेरिका से लेकर थाईलैंड तक प्रधानमंत्री ने क्या सब किया, नड्डा एक एक कर गिनाते रहे. बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी राजद है लेकिन नड्डा कांग्रेस की ही चर्चा करते रहे.


क्या पेशोपेश में है भाजपा नेतृत्व

कुछ दिनों पहले अमित शाह ने कहा था कि भाजपा नीतीश कुमार के  नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी.लेकिन उसके बाद बिहार में उप चुनाव हुए और परिणाम चौंकाने वाला था. जदयू अपनी चारों जीती हुई सीट हार गया. जाहिर है मैसेज ये गया कि जनता में नीतीश का ग्राफ नीचे जा रहा है. वहीं सीटों के तालमेल को लेकर भी पेंच फंसा है. जानकारों की मानें तो बीजेपी नेतृत्व साफ कर चुका है बिहार में सीटों के बंटवारे में 50-50 के फार्मूले से कम पर बात नहीं बनेगी. नीतीश इसे मान जायें इसकी संभावना कम ही लगती है. वहीं महाराष्ट्र में अभी हो रहे ड्रामे ने भी सहयोगी पार्टियों को लेकर भाजपा को अपनी नीति बदलने पर मजबूर कर दिया. शायद यही वे कारण हैं जिसके चलते भाजपा अभी नीतीश को लेकर पेशोपेश में है. जेपी नड्डा के भाषण में वही झलका. 


संगठन के लोगों से गठबंधन को लेकर नड्डा लेंगे फीडबैक

कैलाशपति मिश्र पुण्यतिथि समारोह के बाद नड्डा पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं.  भाजपा ने प्रखंड स्तर के संगठन प्रभारियों को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के साथ बैठक के लिए बुलाया है. नड्डा उन्हें न सिर्फ चुनावी तैयारियों का मंत्र देंगे बल्कि बिहार में गठबंधन को लेकर फीडबैक भी लेंगे. चर्चा उप चुनाव के परिणामों पर भी होगी, जिसमें एनडीए बुरी तरह हारा. प्रखंड स्तर के नेताओं के साथ चर्चा के बाद नड्डा को आगे की रणनीति तैयार कर पाने में सुविधा होगी.