ब्रेकिंग न्यूज़

BIHAR NEWS: "आप बस ऐसा कीजिए… हम आपको 15 से 20 हजार सैलरी वाली नौकरी दिलवा देंगे" – इस तरह करता था फ्रॉड, अब खुला गैंग का राज बेतिया में ठेकेदार के बॉडीगार्ड की संदिग्ध मौत, कमरे में शव मिलने से मचा हड़कंप Bihar News : नीतीश कुमार के इस्तीफे की आ गई तारीख, JDU के कार्यकारी अध्यक्ष ने बता दिया डेट और टाइम; आप भी जान लें रामनवमी में डाकबंगला पर दिखेगा अयोध्या जैसा नजारा, 52 झांकियों को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे सम्मानित, श्रीराम चौक की तैयारी कैसी है जानिये? Indian Railway : रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा! ट्रांसफर और इस्तीफे के बाद भी इतने महीने तक मिल सकेगा सरकारी क्वार्टर, जानें नया नियम चाचा ने 2 भाइयों और 1 बहन की गला काटकर की हत्या, खुद भी हुआ घायल, गांव में मातम पसरा Bihar News : बिहार सरकार का बड़ा प्लान! अब छोटे प्लॉट पर भी बनेंगे लग्जरी हाई-राइज फ्लैट्स; जानिए क्या है पूरा प्लान Bihar News: पटना में मामूली विवाद बना बवाल: फायरिंग से मची दहशत, पुलिस ने 21 आरोपियों को दबोचा BIHAR NEWS : 'हम वो विधायक नहीं है जो सिर्फ चुनाव में नजर आते हैं ...',अनंत सिंह बोले– जनता से नहीं रहेंगे दूर, बेटे के नाम की पोस्टर पर साधी चुप्पी एक झगड़े ने उजाड़ दिया पूरा परिवार: भांजे की हत्या में मामा-मामी समेत 5 गिरफ्तार, रिश्तों पर लगा खून का दाग

Home / news / भागलपुर : नगर निगम में हुआ लाखों का घोटाला, ट्रेड लाइसेंस के नाम...

भागलपुर : नगर निगम में हुआ लाखों का घोटाला, ट्रेड लाइसेंस के नाम पर हुआ पूरा खेल

20-Nov-2021 01:29 PM

भागलपुर : बड़ी खबर भागलपुर से आ रही है जहाँ भागलपुर नगर निगम में ट्रेड लाइसेंस मामले में 27 लाख से अधिक का घोटाला हुआ है. इस मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय टीम ने जांच पूरी कर ली है. मिली जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट तैयार कर लिया गया है और बहुत जल्द रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी. आपको बता दें कि 2016-17 से 20-21 तक नगर निगम ने 5902 ट्रेड लाइसेंस जारी किए. इनमें से 943 ट्रेड लाइसेंस के मामले में एक भी राशि जमा नहीं हुई.


आपको बता दें कि 2016-17 से 20-21 तक नगर निगम ने 5902 ट्रेड लाइसेंस जारी किए. इनमें से 943 ट्रेड लाइसेंस के मामले में एक भी राशि जमा नहीं हुई. 4939 ट्रेड लाइसेंस के मामले में आधी-अधूरी राशि जमा की गई. 5902 ट्रेड लाइसेंस के लिए 98 लाख 92 हजार 250 रुपये जमा होने थे, लेकिन 27 लाख से अधिक राशि जमा नहीं हुई. बता दें कि ट्रेड लाइसेंस से संबंधित रजिस्टर और आनलाइन में भारी अंतर है. जांच के दौरान पता चल रहा है कि रजिस्टर में जो राशि अंकित है, वह कंप्यूटर अंकित नहीं है.


मिली जानकारी के मुताबिक प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने नगर निगम द्वारा जारी ट्रेड लाइसेंस की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. बताया जा रहा है कि सीनियर डिप्टी कलेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह ने नगर निगम से 2017 से अब तक के ट्रेड लाइसेंस से संबंधित रजिस्टर की मांग की थी. नगर निगम के ट्रेड लाइसेंस शाखा प्रभारी निरंजन मिश्रा और कंप्यूटर आपरेटर ज्ञानेन्द्र कुमार वर्मा ने सारे रजिस्टर जांच के लिए उपलब्ध कराते हुए जांच में सहयोग किया था.