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Bihar News : बिहार के छात्रों की लगी लॉटरी! अब हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये; छात्रों में खुशी की लहर

बिहार सरकार ने SC/ST छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की है। अब डॉ. अंबेडकर छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को 1000 रुपये की जगह 2000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति मिलेगी। इस फैसले से करीब 10 हजार छात्रों को फायदा होगा। जानिए पूरी खबर।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 27, 2026, 1:06:49 PM

Bihar News : बिहार के छात्रों की लगी लॉटरी! अब हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये; छात्रों में खुशी की लहर

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Bihar News : बिहार में शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति राशि को दोगुना करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के तहत अब डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को 1000 रुपये के बजाय 2000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी।


यह फैसला सीधे तौर पर उन हजारों छात्रों के लिए राहत लेकर आएगा, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई में बाधाओं का सामना करते हैं। प्रस्ताव के अनुसार, इस योजना का लाभ राज्य के लगभग 10 हजार छात्रों को मिलेगा। फिलहाल यह प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जाना है, और स्वीकृति मिलने के बाद इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।


राज्य में वर्तमान समय में 139 डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास संचालित हैं, जहां एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इन छात्रावासों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर संचालित ये छात्रावास सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को आगे बढ़ाते हैं।


छात्रवृत्ति बढ़ाने के इस निर्णय को शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। खासकर उन छात्रों के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण है, जो दूर-दराज के इलाकों से आकर छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करते हैं।


अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर लिया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि की थी। उसी क्रम में अब छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को भी आर्थिक रूप से सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है।


इन छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को सिर्फ छात्रवृत्ति ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं। उन्हें निःशुल्क आवास, डिजिटल कक्षाएं, पुस्तकालय और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, सरकार हर छात्र को हर महीने 15 किलोग्राम खाद्यान्न भी देती है, जिसमें 9 किलोग्राम चावल और 6 किलोग्राम गेहूं शामिल होता है। यह व्यवस्था छात्रों के भोजन संबंधी खर्च को काफी हद तक कम कर देती है।


सरकार का यह कदम सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक सहायता मिलने से छात्रों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और ड्रॉपआउट दर में भी कमी आएगी।


कुल मिलाकर, छात्रवृत्ति राशि में यह बढ़ोतरी न केवल छात्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगी। यदि यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी पा लेता है, तो यह बिहार के हजारों छात्रों के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाएगा।