ब्रेकिंग न्यूज़

शराब और अवैध हथियार के खिलाफ सहरसा पुलिस की कार्रवाई, घर की घेराबंदी कर अपराधी को दबोचा, हथियार-कारतूस भी बरामद मोतिहारी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 महिलाएं और 2 दलाल गिरफ्तार पटना के मरीन ड्राइव पर नहीं लगेंगी दुकानें, अब यहां बनेगा नया वेंडिंग जोन भोजपुर में अनियंत्रित ऑटो के पलटने से युवक की मौत, महिला समेत कई लोग घायल बिहार का ऑफिसर राज: चार्टर प्लेन में सपरिवार सैर कर रहे हैं IAS अधिकारी, विधानसभा में उठा मामला लेकिन सरकार ने साध ली चुप्पी दरभंगा में पत्नी की अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने वाला पति गिरफ्तार, सालभर से फरार था आरोपी, मुंबई में बना रखा था ठिकाना राष्ट्रीय स्कॉलरशिप प्रवेश परीक्षा 2026: एस.के. मंडल ग्रुप की मेधावी छात्रों के लिए बड़ी पहल Bihar Crime News: चार दिनों से लापता युवक का नदी किनारे शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका BIHAR: निकाह के 1 महीने बाद बीवी ने शौहर के चेहरे पर फेंका खौलता तेल, जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहा पति दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में मनाई गई स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती, पूर्व सीजेआई समेत कई दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड: सड़क पर धक्का-मुक्की के बाद हुलास पांडेय ने पिस्टल से मार दी थी गोली, CBI की केस डायरी में खुलासा

ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड: सड़क पर धक्का-मुक्की के बाद हुलास पांडेय ने पिस्टल से मार दी थी गोली, CBI की केस डायरी में खुलासा

10-Jan-2024 11:30 AM

By First Bihar

ARA : बहुचर्चित ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड में सीबीआई ने चौंकाने वाले खुलासे किये हैं. इस कांड की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने कोर्ट में केस डायरी सौंपी है. सीबीआई के मुताबिक तत्कालीन एमएलसी हुलास पांडेय ने ब्रह्मेश्वर मुखिया पर अपने पिस्टल से ताबड़तोड़ 6 गोली दाग दी थी. इससे पहले ब्रह्मेश्वर मुखिया और हुलास पांडेय के बीच धक्का-मुक्की हुई. फिर हुलास पांडेय के दो साथियों ने ब्रह्मेश्वर मुखिया के दोनों हाथ पकड़ लिये और फिर उन पर गोलियां चलायी गयीं. 


सीबीआई की केस डायरी के मुताबिक गोली लगने के बाद ब्रह्मेश्वर मुखिया रोड पर गिर गये. इसके हुलास पांडेय स्कॉर्पियो से स्टेशन रोड होते भाग गये थे, उनके दूसरे साथी वहां से दौड़ते हुए स्टेशन की ओर भागे थे. सीबीआई ने इस मामले के मुख्य गवाह के बयान के आधार पर केस डायरी तैयार की है. सीबीआई कोर्ट में हुलास पांडेय के खिलाफ चार्जशीट भी कर चुकी है. 


सीबीआई की केस डायरी में इस हत्याकांड के गवाह का बयान दर्ज है. गवाह ने जांच एजेंसी को बताया कि 31 मई की 2012 की शाम वह पटना स्थित हुलास पांडेय के आवास पर गया था. कुछ देर बाद हुलास पांडेय पटना स्थित अपने घर से नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी, रितेश उर्फ मोनू, अभय पांडेय और मनोज पांडेय समेत दूसरे लोगों के साथ अलग-अलग गाड़ी से आरा के लिए निकल गये थे. गवाह ने सीबीआई को बताया है कि उसने उस दिन एकादशी का व्रत रखा था. ऐसे में वह आरा जाने के बजाय रास्ते में दानापुर के सगुना मोड़ के पास गाड़ी से उतर गया था.


गवाह के मुताबिक जब वह गाड़ी से उतर रहा था तब हुलास पांडेय ने ये कहा कि कल आऱा में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के कारण सर्किट हाउस में इंतजाम करना है. ऐसे में कुछ आदमी लेकर आज ही रात तक हर हाल में आरा सर्किट हाउस आ जाइए. गवाह ने बताया है कि हुलास पांडेय ने आरा आने के लिए उसे दो हजार रूपये भी दिये थे. पैसे लेने के बाद वह सगुना मोड़ से दानापुर कैंट स्थित अपने घर चला गया.


गवाह ने कहा है कि 31 मई 2012 की रात में अपना एकादशी का व्रत तोड़ने के बाद देर रात राजदूत बाइक से आरा सर्किट हाउस पहुंचा. वहां हुलास पांडेय के चालक के कहने पर फ्रेश होने के लिए कतीरा मोड़ की ओर चला. रास्ते में कतीरा मोड़ के पास उसकी बाइक बंद हो गयी. बाइक बंद होने के कारण वह आगे नहीं बढ़ पाया. उसी दौरान उसने मर्डर होते देखा. 

ऐसे हुई थी हत्या

गवाह ने सीबीआई को बताया है कि वह आरा के कतीरा मोड़ के पास था कि हुलास पांडेय की स्कॉर्पियो वहां पहुंची.  उस गाड़ी में हुलास पांडेय के अलावा मनोज पांडेय और बालेश्वर राय भी बैठे थे. कुछ देर बाद नंद गोपाल पांडेय उर्फ फौजी, रितेश उर्फ मोनू, गुड्डू पांडेय, अभय पांडेय और प्रिंस पांडेय भी वहां पहुंच गए. सीबीआई की केस डायरी में लिखा गया है कि हुलास पांडेय के सहयोगी गुड्डू पांडेय के हाथ में एके 47 रायफल था.


केस डायरी के मुताबिक हुलास पांडेय अपने साथियों के साथ आरा के कतीरा मोड़ पर जमा थे और उसी दौरान ब्रह्मेश्वर मुखिया भी टहलते हुए वहां पहुंच गये. मनोज पांडेय आगे बढ़ कर मुखिया के पास गया और कहा कि हुलास पांडेय गाड़ी में बुला रहे हैं. मनोज पांडेय ने ब्रह्मेश्वर मुखिया को अपने साथ ले जाकर गाड़ी में बैठा दिया. हुलास पांडेय की गाड़ी कुछ दूर चलकर ब्रह्मेश्वर मुखिया की गली के पास जाकर खड़ी हो गयी. हुलास पांडेय के साथी गाड़ी के पास खड़े हो गए थे. 


केस डायरी के मुताबिक बरमेश्वर मुखिया और हुलास पांडेय गाड़ी से उतरे. उसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस और धक्का मुक्की होने लगी. तब अभय पांडेय और फौजी ने बरमेश्वर मुखिया का हाथ पकड़ लिया. मनोज पांडेय बगल में खड़ा था. उसी दौरान हुलास पांडेय ने अपने हाथ में लिये पिस्टल से बरमेश्वर मुखिया को गोली मार दी. ब्रह्मेश्वर मुखिया को एक-एक कर 6 गोलियां मारी गयी.