ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News : JDU विधायक के बेटे की सड़क हादसे में मौत, घर से 500 मीटर दूर पेड़ से टकराई थार बेगूसराय में बारात का ‘टशन’ पड़ा भारी: हथियार लहराने वाले 4 के खिलाफ FIR दर्ज, छापेमारी जारी VAISHALI: गोरौल नगर पंचायत कचरा डंपिंग जोन में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी समस्तीपुर पुलिस की बड़ी सफलता: हथियार और कारतूस के साथ तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: बिहार और यूपी में वांछित दो कुख्यात नक्सली को दो जिलों से दबोचा गोपालगंज: दहीभाता पुल लूटकांड का खुलासा, तीन नाबालिग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार 22,771 सिपाही बहाली के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन जारी, CSBC ने दी यह चेतावनी मुशहरी में जन संवाद में फूटा जनाक्रोश: विधायक बेबी कुमारी ने दिया अल्टीमेटम, भ्रष्टाचार बंद करो वरना होगी कार्रवाई मुजफ्फरपुर: कल इन इलाकों में घंटों गुल रहेगी बिजली, मेंटेनेंस को लेकर विभाग ने जारी किया अलर्ट लाइव रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार पर मिसाइल हमला, बाल-बाल बची जान, देखिये वायरल वीडियो

Home / news / 'बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है...,' तेजस्वी के विधायक का...

'बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है...,' तेजस्वी के विधायक का छलका दर्द, कहा ... कमजोर के साथ कोई नहीं खड़ा होना चाहता है

23-Nov-2023 11:10 AM

By VISHWAJIT ANAND

PATNA : बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की जरूरत है। यह बातें किसी से छुपी हुई नहीं है। हम पिछड़ गए हैं, इसमें परहेज नहीं है। जैसे कि हमारे किसानों की आमदनी का सवाल जो भी आज बेहद कम है या उच्च शिक्षा की बात कर ले तो जातीय गणना के जो आंकड़ा है उसमें भी साफ हो गया की मात्र 7% ग्रेजुएट हैं। जबकि बिहार के लोग काफी पढ़े लिखे हैं इसके बावजूद यह संख्या सामने आई है। ऐसे में  जरूरी है बिहार की तरक्की के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष सहायता की जरूरत है। यदि यह मान भी लिया जाए की कोई कानून विशेष राज्य देने से रोकता है तो वह विशेष सहायता देने से नहीं रोक सकता है। यह बातें बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री और राजद विधायक सुधाकर सिंह ने कही है।


राजद विधायक सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य ना मिले तो कम से कम विशेष सहायता ही प्रदान किया जाए ताकि बिहार का विकास हो सके। विशेष सहायता उसको मिलना चाहिए जो सबसे कमजोर लोग हैं। और सबसे कमजोर लोग बिहार के लोग हैं इसलिए सहायता भी इन्हीं को मिलना चाहिए। लेकिन विशेष सहायता मिल उनको रहा है जो सबसे ताकतवर लोग हैं। इस देश के कानून का सिद्धांत यह है राजनीति में की बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है। कमजोरी के पक्ष में कोई नहीं खड़ा होना चाहता सभी लोग ताकतवर के पक्ष में खड़ा होना चाहते हैं।


वहीं, कृषि रोड मैप पर सवाल उठाते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि कृषि रोड मैप में पहले दूसरे, तीसरे में जो प्रावधान थे वहीं चौथे में भी है। इसमें कोई भी गुणात्मक बदलाव नहीं है। बस एक जैसा बजट बनाने का। लोगों को जरूरत कुछ और है दिया कुछ और जा रहा है। आप खुद देख सकते हैं उन राज्यों में किस को बोनस दिया जा रहा है बिहार में ऐसा कुछ भी नहीं है। सरकार की मंशा भी है कि बिहार के सबसे गरीब जो है उनको हम आर्थिक मदद पहुंचाएं तो फिर आर्थिक मदद का इससे बड़ा आधार क्या हो सकता है।  किसानों के फसल को हम दम दे दें तो यह भी एक आर्थिक मदद होगी।


जिन राज्यों में चुनाव है वहां केंद्र सरकार किसानों को बोनस उपलब्ध करवा रही है तो फिर बिहार को क्यों नहीं दिया जा रहा है? अगर यहां किसानों को मदद नहीं मिल रहा है तो राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की सामूहिक जरूरत है। जरूरत पड़े तो राज्य सरकार के सीएम और मंत्री को दिल्ली में जाकर इसको लेकर बातचीत करनी चाहिए। उन्हें पूछना चाहिए कि केवल बोनस उन्हें राज्यों में क्यों जहां चुनाव है बाकी राज्यों में क्यों नहीं। तभी जाकर देश के किसानों का संपूर्ण विकास होगा।