1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Sun, 01 Feb 2026 02:27:53 PM IST
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Bihar News: केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर पूर्व मंत्री सह झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट तीन कर्तव्य - “आर्थिक विकास को गति देना, जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति करते हुए क्षमता निर्माण करना और सबका साथ - सबका विकास के सिद्धांत के तहत समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना” पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत करता है जिसका लाभ बिहार जैसे विकासशील राज्यों को भी मिलेगा।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि बजट में कुल व्यय को ₹53.5 लाख करोड़ तक रखा गया है तथा लगभग ₹17.1 लाख करोड़ का प्रभावी पूंजीगत व्यय यह स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता निवेश आधारित विकास है। बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और रोजगार सृजन पर दिया गया जोर बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन इस बजट की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। वित्तीय घाटे को GDP के 4.3 प्रतिशत तक सीमित करना और ऋण-से-GDP अनुपात को घटाकर 55.6 प्रतिशत पर लाना यह दर्शाता है कि सरकार आर्थिक मजबूती के साथ-साथ राजकोषीय जिम्मेदारी को भी समान महत्व दे रही है। इससे देश की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक विश्वास और मजबूत होगा। नीतीश मिश्रा ने कहा कि आंतरिक जलमार्गों के विकास के अंतर्गत पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित करने का प्रावधान बिहार के लिए विशेष महत्व रखता है। इससे गंगा आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर पैदा होंगे और राज्य में लॉजिस्टिक्स एवं सहायक उद्योगों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पूर्वोदय राज्यों पर केंद्रित पहल के तहत औद्योगिक विकास, पर्यटन विस्तार और शहरी परिवहन जैसी योजनाओं से बिहार को प्रत्यक्ष लाभ होगा। पूर्वी भारत के आर्थिक उत्थान की यह दिशा बिहार की क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।
युवाओं के संदर्भ में नीतीश मिश्रा ने कहा कि ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड, MSME क्षेत्र के लिए बेहतर ऋण व्यवस्था और पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन जैसे प्रावधान बिहार के छोटे उद्योगों, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर देंगे जिससे रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर उन्होंने कहा कि कृषि एवं सहायक गतिविधियों में बढ़ा हुआ निवेश, ग्रामीण कनेक्टिविटी और बाजार तक पहुंच को मजबूत करने के प्रयास बिहार के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता आएगी।
महिला सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं से बिहार की महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर प्राप्त होंगे जिससे वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।स्वास्थ्य क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर सुविधाओं के विस्तार और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण से बिहार सहित पूरे भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार की कनेक्टिविटी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा जिससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन को नई गति मिलेगी।राज्यों के हितों पर बात करते हुए नीतीश मिश्रा ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप 41 प्रतिशत कर हिस्सेदारी को बनाए रखते हुए राज्यों को दिए जाने वाले अनुदान से बिहार को ग्रामीण और शहरी निकायों तथा आपदा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त संसाधन प्राप्त होंगे।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026–27 किसान, युवा, उद्यमी, महिला, मध्यम वर्ग सहित समाज के सभी वर्गों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि इस बजट में हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, स्वास्थ्य से लेकर टूरिज्म तक, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर AI तक, स्पोर्ट्स से लेकर तीर्थों तक यह बजट हर गाँव, हर कस्बे और हर शहर के युवाओं, महिलाओं तथा किसानों के सपनों को शक्ति देकर उन्हें पूरा करने वाला बजट है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह पहला केंद्रीय बजट है, जिसे नए संसद परिसर स्थित कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है जो देश की लोकतांत्रिक और आर्थिक यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है।