1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Sun, 01 Feb 2026 03:41:11 PM IST
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Bihar News: रक्सौल के भाजपा विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने केंद्र सरकार के बजट 2026-27 की सराहना करते हुए इसे देश की संभावनाओं को हकीकत में बदलने वाला बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सुधार से अधिक प्रदर्शन के मार्गदर्शक सिद्धांत पर आधारित है, जिसका सीधा उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना है। मोदी सरकार ने इस बजट के माध्यम से उत्पादकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को प्राथमिकता दी है, जिससे रक्सौल जैसे उभरते शहरों के विकास को एक नई गति मिलेगी।
विधायक ने विशेष रूप से युवाओं के लिए घोषित मेक इन इंडिया 2.0 और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाला समय हाई-टेक विनिर्माण और इंजीनियरिंग का है। इलेक्ट्रॉनिक्स और कैपिटल गुड्स के लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन देश में रोजगार के करोड़ों अवसर पैदा करेगा, जिससे हमारे क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को अपनी माटी में ही बेहतर भविष्य मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉर्पोरेट मिठास और यूनिवर्सिटी टाउनशिप जैसी योजनाओं से टियर-2 और टियर-3 शहरों में शिक्षा और उद्योग का सीधा जुड़ाव होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बजट की उपलब्धियां गिनाते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि भारत-विस्तार योजना के तहत एआई-एकीकृत एग्रीस्टैक से किसानों की आय में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। अब खेती केवल किस्मत के भरोसे नहीं बल्कि डेटा और सटीक सलाह पर आधारित होगी। इसके अलावा, फसल विविधीकरण और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने से ग्रामीण युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि उद्यमी बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने SHE-Marts की पहल का भी स्वागत किया, जो महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से आगे बढ़ाकर ब्रांड मालिक के रूप में स्थापित करेगी।
बजट में मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के लिए दी गई राहतों पर चर्चा करते हुए विधायक ने कहा कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया आयकर अधिनियम न केवल कर अनुपालन को सरल बनाएगा, बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को भी बढ़ावा देगा। ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाएगा, जिसका लाभ रक्सौल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के रूप में मिलेगा। अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट वित्तीय अनुशासन और विकास के बीच एक बेहतरीन संतुलन है, जो 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेगा।