ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Dam Tourism : बिहार में 8 बांध बनेंगे पर्यटन स्थल, नीतीश सरकार ने कर दिया एलान; जानिए क्या है पूरा प्लान Patna High Court : शराबबंदी कानून को लेकर पटना HC का बड़ा आदेश, अब इन लोगों की संपत्ति नहीं जब्त; पढ़िए क्या है निर्देश Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा बजट सत्र का आज 11वां दिन, आरक्षण और रामविलास पासवान मुद्दे पर आज भी हो सकता है घमासान Bihar Startup Scheme : बिहार के ग्रामीण युवाओं के लिए खुशखबरी, अब इस काम के लिए पटना जाने से मिलेगी राहत Bihar land : बिहार में जमीन रजिस्ट्री से पहले देने होगी यह जानकारी, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया नियम बिहार मैट्रिक परीक्षा 2026: 15.12 लाख छात्राएं और छात्र आज से देंगे वार्षिक परीक्षा, जूता-मोजा पहनने पर रोक; 1 घंटे पहले सेंटर आना होगा Bihar Weather Update: बसंत में बढ़ी गर्मी, कैमूर में पारा 31°C पार, किसानों के लिए अनुकूल मौसम जमुई में नकाबपोश बदमाशों ने घर पर बमबाजी कर लूट की वारदात को दिया अंजाम, जमीन के दस्तावेज भी जलाए मधुबनी में भीषण सड़क हादसा: बेलगाम ट्रैक्टर की चपेट में आने से महिला की मौत, चालक फरार सीट लूटने के चक्कर में दो यात्रियों की मौत, गया जंक्शन पर दर्दनाक हादसा

बच्चे को सीने से लगाए डॉक्टर के पास पहुंचा घायल बंदर, झलक के लिए लोगों की जुटी भीड़

बच्चे को सीने से लगाए डॉक्टर के पास पहुंचा घायल बंदर, झलक के लिए लोगों की जुटी भीड़

08-Jun-2022 03:18 PM

By RANJAN

SASARAM: खबर सासाराम की है, जहां शाहजमा मोहल्ले में स्थित एक निजी क्लीनिक में एक घायल बंदर अपने बच्चे को गोद में लेकर इलाज के लिए पहुंच गई। यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि शाहजमा मोहल्ले में डॉ. एस.एम. अहमद के मेडिको नामक क्लीनिक में दोपहर के सन्नाटे के दौरान अचानक एक बंदरिया अपने कलेजे से एक अपने छोटे से बच्चे को लगाए क्लीनिक के अंदर आ गई और मरीज वाले टेबल पर बैठ गई। बंदरिया के चेहरे पर चोट के निशान थे। शायद किसी ने उसे पत्थर मार दिया था, जिससे वह घायल हो गई थी और वह खुद इलाज के लिए डॉक्टर के यहां पहुंच गए गई। 


यह अजूबा दृश्य देखने के लिए भीड़ इकट्ठा हो गई। डॉ S.M. अहमद ने बताया कि पहले वो खुद सहम गये, लेकिन उसके चेहरे के जख्म को देखकर उन्हें समझते देर नहीं लगी कि यह जानवर घायल है और इलाज के लिए उसके पास आई है। डॉक्टर ने जब उसे टेटनेस का इंजेक्शन दिया, तो उसने आराम से लगवा लिया। साथ ही चेहरे के चोट वाली घाव पर दवा भी लगवाई। काफी देर तक पेशेंट वाले टेबल पर वह जाकर लेट भी गई। 


इस दौरान बंदरिया ने अपने छोटे बच्चे को कलेजे से लगाए रखा। क्लीनिक में दूसरे पेशेंट भी बैठे थे। थोड़ी देर में डॉ. एसएम अहमद के क्लिनिक के आगे तमाशबीन बच्चों, राहगीरों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इलाज पूरी हो जाने के बाद डॉक्टर साहब ने जब भीड़ को वहां से हटाया, तो आसानी से अपने बच्चे को लेकर वह बंदर निकल गई।