ब्रेकिंग न्यूज़

रातभर तड़पती रही मरीज, सुबह फूटा मंत्री का गुस्सा, बोले.. हॉस्पिटल है ईद की छुट्टी मनाने का थोड़े है बिहार में बैंक कर्मियों की प्रताड़ना से परेशान महिला ने की खुदकुशी, लिया था इतना लोन बिहार में बैंक कर्मियों की प्रताड़ना से परेशान महिला ने की खुदकुशी, लिया था इतना लोन Bihar News: शादी का झांसा देकर विधवा से ढाई लाख की ठगी, साइबर थाना में केस दर्ज Bihar News: 31 मार्च से पहले निपटा लें यह जरूरी काम, नहीं तो बंद हो जाएगी पेंशन Bihar News: 31 मार्च से पहले निपटा लें यह जरूरी काम, नहीं तो बंद हो जाएगी पेंशन Bihar Crime : पटना में रहस्यमय मौत! चलते-चलते गिरा शख्स, CCTV में कैद आखिरी पल, पटना जंक्शन के पास मची अफरातफरी KVS Admission 2026: एक फॉर्म से कितने स्कूलों में कर सकते अप्लाई? जानिए पूरी प्रक्रिया और जरूरी सावधानियां बिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर लगातार दूसरे दिन पथराव, रेल यात्रियों में दहशत बिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर लगातार दूसरे दिन पथराव, रेल यात्रियों में दहशत

Home / news / अजमेर दरगाह शरीफ का हो सकता है सर्वे, कोर्ट हिंदू पक्ष की याचिका...

अजमेर दरगाह शरीफ का हो सकता है सर्वे, कोर्ट हिंदू पक्ष की याचिका पर सुनवाई करने को तैयार

27-Nov-2024 06:35 PM

By First Bihar

DESK: यूपी के जामा मस्जिद के बाद अब राजस्थान के अजमेर में स्थित दरगाह शरीफ के सर्वे का काम जल्द ही शुरू हो सकता है। राजस्थान की नीचली अदालन ने हिंदू पक्ष की उस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है जिसमें दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया गया था।


दरअसल, हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने कोर्ट में एक याचिका दायर कर दरगाह शरीफ के सर्वे की मांग की थी। हिंदू पक्ष ने याचिका के साथ एक सबूत भी पेश किया और उस जगह पर पूजा करने की अनुमति मांगी है और साथ ही साथ पुरातत्व विभाग से सर्वेक्षण कराने की भी मांग की थी।


हिंदू पक्ष का दावा है कि दरगाह की जमीन पर पहले भगवान शिव का मंदिर था। मंदिर में पूजा और जलाभिषेक होता था। साल 1911 में लिखी पुस्तक का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि दरगाह परिसर में मौजूद 75 फीसद लंबे बुलंद दरवाजे के निर्माण में मंदिर के मलबे का अंश है वहीं तहखाने में गर्भगृह होने के प्रमाण मिलने की बात कही गई है।


बता दें कि मंगलवार को भी इस मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन अदालत सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तारीख निर्धारित कर दी थी। पिछली सुनवाई के दौरान सबूत के तौर पर हिंदू पक्ष ने एक खास किताब पेश किया था जिसमें दावा किया गया था कि वहां एक मंदिर था।