ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में हादसे की शिकार हुई तेज रफ्तार बस, यात्रियों में मची चीख-पुकार; दर्जनभर से अधिक लोग घायल बिहार में हादसे की शिकार हुई तेज रफ्तार बस, यात्रियों में मची चीख-पुकार; दर्जनभर से अधिक लोग घायल उस्ताद की बीवी के साथ फरार हुआ चेला, दो बच्चों की मां ने बताई चौंकाने वाली वजह हमारा लड़का SDO है... बिहार में फर्जी फोटो और जॉइनिंग लेटर दिखाकर लाखों की ठगी; शादी का सपना दिखाकर लूट लिया BIHAR NEWS : दर्दनाक सड़क हादसा: बेकाबू ट्रक ने मजदूर को कुचला, चालक-खलासी फरार Bihar News : फर्जीवाड़ा पकड़ में आया! बिहार के इस जिले में शिक्षक ने जाली अंक-पत्र से पाई नौकरी; अब निगरानी ने दर्ज कराया केस कलंक कथा ! E.E.की दौलत जान हर कोई हैरान, सुशासन की सच्चाई- करप्शन केस ठंडा भी नहीं हुआ और आरोपी 'जेल अधीक्षक' को सरकार ने दी फील्ड पोस्टिंग...हर कोई अचंभित VTR में बाघिन की संदिग्ध मौत से हड़कंप, वन विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी VTR में बाघिन की संदिग्ध मौत से हड़कंप, वन विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी Land For Job Scam : ''उलटी गंगा बहाने'' जैसा होगा ...', लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को ‘लैंड फॉर जॉब’ केस में अदालत से झटका, 1600 दस्तावेजों की याचिका खारिज

Home / news / अवधेश नारायण सिंह ने संभाला पदभार, कार्यकारी सभापति हुए हैं नियुक्त

अवधेश नारायण सिंह ने संभाला पदभार, कार्यकारी सभापति हुए हैं नियुक्त

17-Jun-2020 12:22 PM

PATNA : अवधेश नारायण सिंह ने फिर से बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति का पदभार संभाल लिया है। पूर्व कार्यकारी सभापति हारुण रशीद ने उन्हें  खुद ले जाकर कुर्सी पर बैठाया है। उन्होनें अवधेश नारायण सिंह को बधाई दी है। 


मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में अवधेश नारायण सिंह को कार्यकारी सभापति बनाने पर सहमति बनी थी। बाद में राजभवन को इस बाबत प्रस्ताव भी भेज दिया गया। इस प्रस्ताव पर स्वीकृति देश शाम राजभवन द्वारा दे दी गई थी। 



अवधेश नारायण सिंह पहले भी लगभग पांच सालों तक विधान परिषद के सभापति रह चुके हैं। गया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान पार्षद अवधेश नारायण सिंह 18 मार्च 1993 से वे लगातार विधान परिषद के सदस्य हैं। बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष रह चुके अवधेश नारायण सिंह विधान परिषद में 17 अगस्त, 2002 से 17 मार्च 2005 तक  विरोधी दल के मुख्य सचेतक रहे।