1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 19, 2026, 1:20:31 PM
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Bihar News : बिहार में फूड सेफ्टी विभाग ने राज्य भर में SOBISCO कंपनी के लोकप्रिय HUM TUM क्रैकर्स बिस्किट पर तत्काल प्रभाव से 15 दिनों का बैन लगा दिया है। यह कार्रवाई विभाग ने विभिन्न प्रमुख बाजारों से संग्रहित नमूनों की जांच के बाद की है, जो NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण किए गए। जांच रिपोर्ट में बिस्किट को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया, मुख्य रूप से प्रिजर्वेटिव और सल्फाइट की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण।
फूड सेफ्टी कमिश्नर ने सभी जिलाधिकारियों, डीएम और पुलिस अधीक्षकों को आदेश का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार, बिस्किट के सभी बैचों की पैकिंग, क्रय, विक्रय, भंडारण और परिवहन पर 15 दिनों के लिए पूरी तरह से रोक लगाई गई है। दुकानदारों को कहा गया है कि वे उत्पाद को तुरंत स्टॉक से हटाएं और बाजार से लौटाएं या नष्ट करें। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विशेष रूप से बैच संख्या जेयू/सी53 प्रभावित है, जिसकी निर्माण तिथि 21 अक्टूबर 2025 और समाप्ति तिथि 20 जुलाई 2026 है। यह बिस्किट मुख्य रूप से 41 ग्राम के पैकेट में उपलब्ध था। हालांकि, कमिश्नर ने सभी बैचों पर बैन लगाया क्योंकि जांच में यह सामान्य समस्या पाई गई। SOBISCO यानी सोना बिस्किट्स लिमिटेड, कोलकाता आधारित कंपनी है और इसका यह उत्पाद पूर्वी भारत में काफी लोकप्रिय है।
मुंगेर, तारापुर, असरगंज, चपरा, सीवान और गोपालगंज जैसे जिलों में प्रशासन ने तुरंत छापेमारी शुरू कर दी है। कई दुकानों से बिस्किट जब्त किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ दुकानदार बैन के बावजूद बिस्किट बेचते दिख रहे हैं। इस पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई कर रहा है।
जांच में यह पाया गया कि बिस्किट में कुछ तत्व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। अधिक मात्रा में सल्फाइट या प्रिजर्वेटिव से एलर्जी, श्वास संबंधी समस्या और अन्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं। विभाग ने कहा है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए त्वरित कार्रवाई जरूरी थी। यह कदम FSSAI के नियमों के तहत लिया गया है।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि यदि उनके पास यह बिस्किट है तो उसे तुरंत फेंक दें या वापस लौटाएं। बच्चों और एलर्जी वाले लोगों के लिए यह खास तौर पर जोखिम भरा हो सकता है। विभाग आगे भी जांच जारी रखेगा और यदि आवश्यक हुआ तो बैन की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बाजार में इस उत्पाद की उपलब्धता घट गई है। बिहार में पहले भी कई खाद्य उत्पादों पर इसी तरह की रोक लग चुकी है। यह कदम उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है।
स्थानीय बाजार में लोग अब अन्य ब्रांड्स की ओर रुख कर रहे हैं। प्रशासन 15 दिनों में स्थिति की समीक्षा करेगा और यदि समस्या दूर हो गई तो बैन हटा दिया जाएगा, अन्यथा आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।