ब्रेकिंग
बोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोपकमला नदी में प्लास्टिक से लिपटा मिला अधेड़ का शव, हाथ-पैर बंधे होने की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस30 सितंबर तक बैठक नहीं हुई तो PM आवास की लिस्ट से कट सकता है नाम! जानिए क्या है ग्राम सभा की मुहर का नया नियमबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोपकमला नदी में प्लास्टिक से लिपटा मिला अधेड़ का शव, हाथ-पैर बंधे होने की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस30 सितंबर तक बैठक नहीं हुई तो PM आवास की लिस्ट से कट सकता है नाम! जानिए क्या है ग्राम सभा की मुहर का नया नियम

बिहार में खनिज परिवहन की होगी सख्त निगरानी, सरकार ने बनाया बड़ा प्लान; इस तकनीक का होगा इस्तेमाल

Bihar News: बिहार सरकार खनिज परिवहन की निगरानी को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी सख्ती बढ़ा रही है, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम में फर्जी लोकेशन रोकने के उपाय लागू होंगे।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार खनिज परिवहन की निगरानी को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी स्तर पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है। हाल ही में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वाहन ट्रैकिंग सिस्टम में फर्जी लोकेशन दिखाने की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बैठक का आयोजन खान एवं भू-तत्व विभाग के स्तर पर किया गया था।


बैठक में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्तमान प्रणाली में समर्पित इंटरनेट रेंज नहीं होने के कारण वाहनों की वास्तविक लोकेशन छुपाई या बदलने की संभावना रहती है। इससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है।


इसे देखते हुए एनआईसी ने परिवहन विभाग से सुझाव दिया कि वाहन ट्रैकिंग डिवाइस बनाने वाली कंपनियों को मशीन-से-मशीन (M2M) संचार के लिए अलग और सुरक्षित इंटरनेट रेंज अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, डेटा सुरक्षा के लिए कड़े उपाय लागू करने और खनन से जुड़े सभी सॉफ्टवेयर व ऑनलाइन पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।


बैठक में सिस्टम में ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, संदिग्ध गतिविधि या नियम उल्लंघन की स्थिति में स्वतः अलर्ट उत्पन्न हो और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना मिल सके। 


अधिकारियों का मानना है कि इन उपायों के लागू होने से खनिज परिवहन की रीयल-टाइम निगरानी अधिक विश्वसनीय होगी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। बैठक में यह भी संकेत दिया गया कि विभाग जल्द ही इस दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सकता है, ताकि तकनीक के माध्यम से निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत और जवाबदेह बन सके।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता