बिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त: सारण में कई वाहन जब्त, 75.65 लाख का जुर्माना राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत: होली और दिवाली पर मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल विजय सिन्हा की चेतावनी के बावजूद बाज नहीं आ रहे राजस्व कर्मी, नीतीश के गृह जिले में 45 हजार घूस लेते निगरानी ने दबोचा Pappu Yadav: सांसद पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, MP-MLA कोर्ट ने जारी किया कुर्की-जब्ती का आदेश Pappu Yadav: सांसद पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, MP-MLA कोर्ट ने जारी किया कुर्की-जब्ती का आदेश शिवहर में डकैती कांड का खुलासा: लूटे गये सामान के साथ दो अपराधी गिरफ्तार Bihar Railway Project: बिहार के इस रेलखंड पर तीसरी-चौथी लाइन का रास्ता साफ, 17 हजार करोड़ की परियोजना; पहले चरण को मिली मंजूरी Bihar Railway Project: बिहार के इस रेलखंड पर तीसरी-चौथी लाइन का रास्ता साफ, 17 हजार करोड़ की परियोजना; पहले चरण को मिली मंजूरी
24-Apr-2023 12:17 PM
By First Bihar
DELHI: माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ हत्याकांड पर सुप्रीम कोर्ट में अब 28 अप्रैल को सुनवाई होगी। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 24 अप्रैल को सुनवाई होनी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों के कोरोना संक्रमित होने के कारण केस सुनवाई के लिए लिस्ट नहीं हो सका है। याचिकाकर्ता की तरफ से हत्याकांड की जांच के साथ साथ यूपी में साल 2017 के बाद हुए सभी एनकाउंटर की जांच की भी मांग की गई है।
दरअसल, उमेश पाल हत्याकांड में गिरफ्तार गैंगस्टर अतीक और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी गई थी। अतीक और उसके भाई को मेडिकल जांच के लिए प्रयागराज के अस्पताल में लाया गया था, जहां मीडियाकर्मी बनकर आए सनी, लवलेश और अरुण मौर्या ने ताबड़तोड़ गोली मारकर अतीक और उसके भाई की पुलिस की मौजूदगी में जान ले ली थी, बाद में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले की जांच के लिए एडवोकेट विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका में पूर्व जज की अध्यक्षता में हत्याकांड की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि उत्तर प्रदेश में साल 2017 के बाद से अबतक हुए 183 एनकाउंटर की भी जांच कराई जाए। इस मामले पर आज यानी 24 अप्रैल को सुनवाई होनी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों को कोविड होने के कारण केस को रिशेड्यूल किया गया है। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट 28 अप्रैल को सुनवाई करेगा।