होली को लेकर एक्शन में पुलिस, सिविल ड्रेस में शराब तस्करों के ठिकानों पर कर रही रेड, जमुई में बाप-बेटे को दबोचा बिहार में अपराधियों का तांडव: समस्तीपुर में ज्वेलरी शॉप में करोड़ों की लूट, फायरिंग करते फरार हुए अपराधी प्रेमचंद रंगशाला में ‘सरगम’ की गूंज: श्रैफिकुलम विद्या बोधि स्कूल का भव्य वार्षिक समारोह Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने Bihar Crime News: बिहार में दिनदहाड़े 10 लाख के ज्वेलरी की चोरी, बदमाशों ने बाइक की डिक्की से उड़ाए गहने ‘प्रेग्नेंट करो और पैसे कमाओ’, बिहार में साइबर अपराधियों का हैरान करने वाला ऑफर; युवकों को भेजते थे हॉट महिलाओं की तस्वीर ‘प्रेग्नेंट करो और पैसे कमाओ’, बिहार में साइबर अपराधियों का हैरान करने वाला ऑफर; युवकों को भेजते थे हॉट महिलाओं की तस्वीर चलती कार में लगी आग, दो लोग झुलसे, स्थानीय लोगों की सूझबूझ से टली बड़ी घटना होली पर कोलकाता और नई दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को बड़ी राहत Bihar News: नए सत्र में बिहार के पांच सौ से अधिक मॉडल स्कूलों में शुरू होगी पढ़ाई, NEET-JEE की तैयारी पर फोकस
04-May-2023 07:34 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के सुप्रीमो मुकेश सहनी गुरुवार को वैशाली पहुंचे, जहां उन्होंने देसरी स्थित बाजितपुर बिन्द टोला में शिव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा और अष्टयाम यज्ञ में शामिल हुए। इस मौके पर सहनी ने पूजा-अर्चना की और एक जनसभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने कहा है कि जितनी जिसकी संख्या हो उसके हिसाब से उसकी हिस्सेदारी सुनिश्ति होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सिर उठाकर जीना है तो अपने अधिकार के प्रति संघर्ष कीजिए। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में एसटी, एससी और ओबीसी को अधिकार दिया गया है, लेकिन आज तक अधिकार का लाभ नहीं मिला है। कई राज्यों में निषाद समाज को आरक्षण दिया गया है, लेकिन बिहार में आरक्षण अब तक नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि आज आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य जाति के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। वीआईपी आरक्षण की विरोधी नहीं है लेकिन जनसंख्या के अनुसार आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। सहनी ने कहा कि अगर हमे सिर उठाकर जीना है तो संघर्ष करना होगा। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि वर्षों से हमें गुलाम रखा गया है। आज संघर्ष की बदौलत ही ऐसी स्थिति है कि निषाद का बेटा टिकट मांगने का नहीं बल्कि टिकट बांटने का काम कर रहा है।