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17-Apr-2021 09:10 AM
PATNA : नहाय खाय के साथ कल लोक आस्था के महापर्व चैती छठ की शुरुआत हो चुकी है. आज पर्व का दूसरा दिन यानी खरना है. आज के दिन छठ व्रती घरों में गुड़ की खीर बनाएंगे और व्रत रखेंगे. इसके बाद सूर्य को अर्घ्य देन से पारण करने तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करते हैं. आपको बता दें कि खरना एक प्रकार से शुद्धिकरण की प्रकिया है.
खरना में पूरी साफ सफाई के साथ छठ व्रती पूरे दिन व्रत रखेंगे और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ और दूध की खीर का प्रसाद बनाएंगे. सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद सूर्यदेव को अर्पित करेंगे इसके बाद प्रसाद खुद ग्रहण करेंगे. इसके बाद व्रत का पारणा छठ पर्व के समापन के बाद ही किया जाता है.
इस दिन व्रती शुद्ध मन से सूर्य देव और छठ मां की पूजा करके गुड़ की खीर का भोग लगाती हैं. खरना का प्रसाद काफी शुद्ध तरीके से बनाया जाता है. खरना के दिन जो प्रसाद बनता है, उसे नए चूल्हे पर बनाया जाता है. व्रती इस खीर का प्रसाद अपने हाथों से ही पकाती हैं. इसका उद्देश्य पारण तक शरीर का पूरी तरह से शुद्ध होना है.