ब्रेकिंग न्यूज़

खुले में मांस-मछली कारोबार बैन: निगम ने चलाया सख्त अभियान, 686 दुकानों पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई Bihar News: 'अगला CM अगर नीतीश कुमार के रास्तों पर नहीं चले तो टिक नहीं पाएगा...', मांझी ने अपना अनुभव साफ-साफ बता दिया Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा के 1634 अफसरों में नंबर-1 पर कौन ? नीतीश सरकार ने अधिकारियों की सिविल लिस्ट का किया प्रकाशन... Bihar DCECE 2026 : बिहार के स्टूडेंट के लिए खुशखबरी , डिप्लोमा और पैरामेडिकल समेत इन कोर्स में एडमिशन का सुनहरा मौका; आवेदन शुरू – जल्दी करें अप्लाई बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: व्यवसायी के घर को निशाना बनाकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, इलाके में दहशत BIHAR POLICE : थानेदार का फायरिंग का पुराना रिकॉर्ड, मुजफ्फरपुर के तीन थाना क्षेत्रों में कर चुका है फायरिंग; गायघाट गोलीकांड के बाद विवादों में SHO अजब प्रेम की गजब कहानी: जिगरी दोस्त की पत्नी पर आया युवक का दिल, पति ने करा दी शादी BIHAR NEWS : अचानक ब्रेक से ट्रकों की टक्कर, खलासी की मौत, चालक गंभीर Bihar Crime: चाय पी रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या: बहन की शादी में शामिल होने आया था घर, परिजनों ने सड़क किया जाम Bihar News : सम्राट मॉडल कहने पर भड़का JDU, BJP को मिला करारा जवाब - तब तो कहिएगा की मदन सहनी मॉडल? बिहार में एक ही मॉडल वो है....

Home / news / 46 सालों से खपरैल भवन में चल रहा था थाना, ग्रामीणों ने चंदा...

46 सालों से खपरैल भवन में चल रहा था थाना, ग्रामीणों ने चंदा इकठ्ठा कर सात महीने में बनवा दिया

28-Jan-2021 11:12 AM

DARBHANGA : दरभंगा जिले के तिलकेश्वर ओपी के लोगों ने सरकार के उदासीन रवैये को देखकर खुद ही थाने के लिए 10 कमरों का मकान बनवा लिया है. इस मकान में किचन, हाजत के अलावा हर पदाधिकारी के लिए एक-एक कमरा है. बता दें कि पिछले 46 सालों से सरकार तिलकेश्वर ओपी के लिए एक भवन का निर्माण नहीं करवा सकी है. लेकिन गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से महज सात महीने में ही 10 कमरों के भवन का निर्माण करवा दिया है साथ ही सरकार के मुंह पर तमाचा भी जड़ दिया है.


इस भवन के निर्माण में करीब 16 लाख रुपये खर्च किये गए हैं. इस भवन का उद्धाटन प्रखंड प्रमुख बिजल पासवान ने फीता काट कर किया. तिलकेश्वर ओपी प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया कि हाजत नहीं रहने से कैदी को कुशेश्वरस्थान थाना में जाकर रखना पड़ता था. रात होने पर कैदी को हथकड़ी लगाकर सिपाही पकड़े रहता था. आवागमन नहीं रहने से परेशानियों का सामना करना पड़ता था. ग्रामीणों ने बताया कि खपरैलनुमा मकान जर्जर होने पर एसआई बालेन्दु मिश्रा से कैदी हाजत बनाने की बात हुई. लेकिन राय विचार होने पर ग्रामीणों ने भवन बनाने में सहयोग की बात कही. भवन बनाने के लिए चंदा एकत्रित किया गया. 


बता दें कि बिहार सरकार ने वर्ष 1974 में तिलकेश्वर ओपी की स्थापना की थी. दियारा का यह क्षेत्र जिले के सबसे सुदूरवर्ती होने के साथ साथ खगड़िया, सहरसा व समस्तीपुर का सीमावर्ती क्षेत्र है. इस ओपी के अंतर्गत 46 गांव हैं. तिलकेश्वर ओपी कुशेश्वरस्थान थाना से 22 किलोमीटर दूर है. कुशेश्वरस्थान से तिलकेश्वर जाने के लिए फिलहाल अभी कोई सड़क नहीं है. एक सड़क का निर्माण चल रहा है. बाढ़ के समय में तीन से चार माह लोगों को आवागमन के लिए नाव का ही सहारा है.