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05-Dec-2024 10:44 AM
By First Bihar
SAPAUL : बिहार के सुपौल से एक हैरान कर देने वाली खबर निकल कर सामने आ रहा है। जहां त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में के बघला वार्ड नंबर 9 में रेलवे के निर्माणाधीन पुल के पास खेलने और बकरी चराने के दौरान 21 बच्चों ने गलती से रतनजोत (बघनडी) के जहरीले बीज खा लिए। कुछ घंटों बाद बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद परिजन उन्हें त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे।
वहीं,बच्चों के परिजनों के अनुसार, स्कूल से लौटने के बाद बच्चे खेलते और बकरियां चराते समय रतनजोत के बीज को बादाम समझकर खा गए। शाम करीब 8:30 बजे उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। बच्चों की उम्र 4 से 12 साल के बीच है। इसको लेकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सूर्य किशोर मेहता ने बताया, "बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के साथ रात 9 बजे अस्पताल लाया गया। सभी का तुरंत इलाज शुरू किया गया,और राहत की बात यह है कि अब सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
डॉक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि रतनजोत का उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में सीमित मात्रा में किया जाता है। ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने बताया रतनजोत (बघनडी) यह पौधा आमतौर पर जंगलों और सड़क किनारे पाया जाता है। इसके बीज का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में होता है, लेकिन गलत मात्रा में इसका सेवन जहरीला साबित हो सकता है।
इधर,पीड़ित बच्चों के परिजन आइसा खातून, मोहम्मद असरुल, और मोहम्मद वसीर ने बताया कि बच्चे बीज को बादाम समझकर खा गए थे। इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। अधिकारियों से अपील है कि इस प्रकार के जहरीले पौधों की पहचान और सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए।
SAPAUL : बिहार के सुपौल से एक हैरान कर देने वाली खबर निकल कर सामने आ रहा है। जहां त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में के बघला वार्ड नंबर 9 में रेलवे के निर्माणाधीन पुल के पास खेलने और बकरी चराने के दौरान 21 बच्चों ने गलती से रतनजोत (बघनडी) के जहरीले बीज खा लिए। कुछ घंटों बाद बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद परिजन उन्हें त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे।
वहीं,बच्चों के परिजनों के अनुसार, स्कूल से लौटने के बाद बच्चे खेलते और बकरियां चराते समय रतनजोत के बीज को बादाम समझकर खा गए। शाम करीब 8:30 बजे उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। बच्चों की उम्र 4 से 12 साल के बीच है। इसको लेकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सूर्य किशोर मेहता ने बताया, "बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के साथ रात 9 बजे अस्पताल लाया गया। सभी का तुरंत इलाज शुरू किया गया,और राहत की बात यह है कि अब सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
डॉक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि रतनजोत का उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में सीमित मात्रा में किया जाता है। ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने बताया रतनजोत (बघनडी) यह पौधा आमतौर पर जंगलों और सड़क किनारे पाया जाता है। इसके बीज का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में होता है, लेकिन गलत मात्रा में इसका सेवन जहरीला साबित हो सकता है।
इधर,पीड़ित बच्चों के परिजन आइसा खातून, मोहम्मद असरुल, और मोहम्मद वसीर ने बताया कि बच्चे बीज को बादाम समझकर खा गए थे। इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। अधिकारियों से अपील है कि इस प्रकार के जहरीले पौधों की पहचान और सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए।