ब्रेकिंग न्यूज़

Instagram पर अब सुरक्षित नहीं रहेंगे चैट? Meta ने एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाने का किया ऐलान, जानिए बिहार के सरकारी स्कूलों में जारी रहेगी मिड डे मील, बच्चों को नियमित रूप से MDM उपलब्ध कराने के आदेश बिहार के सरकारी स्कूलों में जारी रहेगी मिड डे मील, बच्चों को नियमित रूप से MDM उपलब्ध कराने के आदेश BIHAR NEWS : 'दुपट्टा, डांट और पोर्टल की गड़बड़ी…',स्कूल में नहीं दिखी हाजिरी तो DEO ने मांगा जवाब; महिला टीचर ने कहा - सर गर्मी अधिक थी इसी वजह से दुपट्टा सरक ... सिलेंडर बना ‘धुरंधर’: इन्फ्लुएंसर ने आपदा में खोज लिया अवसर, LPG गैस की किल्लत पर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ पटना में बाल-बाल बची तीन पुलिसकर्मियों की जान, हाईवा ने पुलिस वैन को मारी जोरदार टक्कर; हादसे के बाद ट्रक में लगी आग पटना में बाल-बाल बची तीन पुलिसकर्मियों की जान, हाईवा ने पुलिस वैन को मारी जोरदार टक्कर; हादसे के बाद ट्रक में लगी आग ‘तुम फेल हो रहे, पैसे दो, पास करवा दूंगा', रिजल्ट से पहले बिहार बोर्ड छात्रों को फोन कर फंसा रहे जालसाज Bihar Education News: शिक्षा विभाग के एक भ्रष्ट अधिकारी को मिला बड़ा दंड, 50 हजार रू घूस लेते हुए थे गिरफ्तार Bihar News : पटना में LPG क्राइसिस पर प्रशासन सख्त, ब्लैक मार्केटिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई; DM बोले - लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

जिसे 16 लाख के चेक बाउंस मामले में किया गया गिरफ्तार, उसे 16 मिनट में मिला बेल

27-Dec-2023 09:02 PM

By MANOJ KUMAR

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाने की पुलिस ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी सौरभ कुमार को गिरफ्तार किया था, उसे पुलिस ने अपनी पूरी प्रक्रिया के बाद कोर्ट के समक्ष पेश किया। सौरभ की ओर से मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखा। 


अधिवक्ता ने बताया कि इसी मामले का एक और केस मामले के परिवादी की ओर से न्यायालय में किया गया था, जिसमें अभियुक्त न्यायालय से ज़मानत पर मुक्त है और मामले का विचारण न्यायालय में चल रहा है। उसी मामले से सम्बंधित एक मुकदमा ब्रह्मपुरा थाने में मामले के परिवादी की ओर से अभियुक्त पर किया गया था, जिसमें पुलिस के द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया था। 


विदित हो कि अभियुक्त सौरभ कुमार के द्वारा भी परिवादी रवीन्द्र ठाकुर के ऊपर एक मुकदमा न्यायालय में किया गया है, जो लंबित है। अधिवक्ता एस. के. झा ने कोर्ट के समक्ष सारे तथ्यों को रखा और एक ही मामले का दो अलग - अलग मुकदमा दर्ज हो जाने पर आपत्ति भी जताई। 


इन सारी बातों को सुनने के बाद कोर्ट ने ब्रह्मपुरा पुलिस और कांड के अनुसंधानकर्ता को फटकार लगाई और कोर्ट ने पुलिस को सख्त हिदायत दी कि किसी भी मामले की पूरी जाँच-पड़ताल करके ही किसी को गिरफ्तार करें। मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने कहा कि न्यायालय सर्वोपरि है, यहाँ पर सबकी बात सुनी जाती है और न्यायालय से बड़ा कोई नहीं है। गिरफ्तार अभियुक्त को कोर्ट के द्वारा अविलम्ब पी. आर. बॉन्ड पर रिहा किया गया।

news image