BIHAR NEWS : पटना से बड़ा ऐलान! अब देश के किसी भी कोने से मदद मांग सकेंगे बिहार के प्रवासी मजदूर LPG supply rule : यदि आपके भी घर के पास पहुंच गई है PNG तो अब हर हाल में लेना होगा कनेक्शन, सरकार का सख्त आदेश, कहा —सिलेंडर होगा बंद PNG online apply : बिहार में PNG कनेक्शन लेना हुआ आसान, इस तरह ऑनलाइन करें अप्लाई; LPG पर नए नियम से उपभोक्ताओं में हलचल IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना Bihar school : बिहार के स्कूलों में अब हर सुबह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से होगी शुरुआत – जानें नए निर्देश और नियम बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
03-Aug-2025 09:00 AM
By First Bihar
Life Style: मॉनसून का मौसम हर किसी को खूब भाता है। इस मौसम में झमाझम बारिश के बीच गरमागरम पकोड़े या समोसे खाने का मजा ही कुछ और होता है। लेकिन स्वाद के इस सफर में यदि सावधानी न बरती जाए, तो पाचन से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अधिक तली-भुनी चीजें खाने से पेट खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
दरअसल, मानसून के दौरान बार-बार पेट की गड़बड़ी, अपच, गैस और दस्त जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि आप अपनी गट हेल्थ यानी आंतों की सेहत का ध्यान रखें। आपके पेट में खरबों सूक्ष्म बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जो न केवल पाचन में मदद करते हैं, बल्कि पोषक तत्वों के अवशोषण और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करते हैं। लेकिन मानसून में अचानक मौसम परिवर्तन, अधिक नमी और साफ-सफाई की कमी के चलते इन बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे पाचन क्रिया कमजोर पड़ती है और आप बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
मानसून में गट हेल्थ के बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह है दूषित भोजन और पानी का सेवन। खुले में बिकने वाले स्ट्रीट फूड में अक्सर साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता, जिससे उनमें बैक्टीरिया और परजीवियों की मात्रा बढ़ जाती है। इसके अलावा वातावरण में बढ़ी हुई नमी, फंगल और बैक्टीरियल ग्रोथ को बढ़ावा देती है। वहीं, इस मौसम में कमजोर इम्यूनिटी संक्रमणों को आमंत्रण देती है, जिससे डायरिया, फूड प्वाइजनिंग और पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं बार-बार हो सकती हैं।
इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मानसून में खाने-पीने की आदतों पर विशेष ध्यान दिया जाए। घर में बना हुआ ताजा और हल्का भोजन ही खाएं। कई लोग सलाद या कच्ची सब्जियां खाना पसंद करते हैं, लेकिन इस मौसम में इनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उबालने के बाद ही सेवन करना चाहिए। प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ जैसे दही, छाछ, या होममेड अचार गट हेल्थ को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। इसके अलावा, रोजाना पर्याप्त मात्रा में उबला या फ़िल्टर किया हुआ पानी पिएं और बाहर के खाने, खासकर स्ट्रीट फूड से दूरी बनाए रखें। अगर वह स्वाद में लाजवाब ही क्यों न हो।
इस मौसम में मसालेदार, अत्यधिक तैलीय और अधपके खाद्य पदार्थों से परहेज करना ही बेहतर है। भोजन में अदरक, काली मिर्च, हींग जैसे पाचन सहायक तत्वों को शामिल करें। पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए हल्का व्यायाम या योग, जैसे वज्रासन और कपालभाति, भी बेहद फायदेमंद हो सकता है। मानसून में यदि आप कुछ साधारण सावधानियां अपनाएं और अपने खान-पान में समझदारी दिखाएं, तो न केवल आप पेट से जुड़ी समस्याओं से बचे रहेंगे, बल्कि मौसम का पूरा आनंद भी उठा सकेंगे।