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31-Jul-2025 12:54 PM
By First Bihar
Life Style: आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, खराब खानपान, तनाव, नींद की कमी और फिजिकल एक्टिविटी में गिरावट के चलते हृदय संबंधी बीमारियों (जैसे हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और कोरोनरी आर्टरी डिजीज) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि ये बीमारियां अब केवल बुजुर्गों को ही नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही हैं। ऐसे में एक संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट अपनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सही समय पर खानपान में बदलाव कर लिया जाए, तो न सिर्फ इन बीमारियों को रोका जा सकता है, बल्कि पहले से मौजूद लक्षणों को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। खासकर जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग का इतिहास रहा है या जो खुद कार्डियक पेशेंट हैं, उन्हें अपनी डाइट में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
हरे पत्तेदार साग और रंग-बिरंगी सब्जियां
पालक, केल, कोलार्ड ग्रीन्स, गाजर, शकरकंद और टमाटर जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन A, C, K, आयरन, पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं। ये न केवल शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं, बल्कि ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और धमनियों को लचीला बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
बेरीज – छोटे पैकेट में बड़ा असर
ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी और जामुन जैसे फल एंथोसायनिन एंटीऑक्सिडेंट का बड़ा स्रोत होते हैं, जो ऑक्सिडेटिव तनाव और सूजन को कम करने में कारगर हैं। रिसर्च से पता चला है कि बेरीज का नियमित सेवन धमनियों को स्वस्थ बनाए रखता है और दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम करता है।
साबुत अनाज – फाइबर का खजाना
दलिया (ओट्स), ब्राउन राइस, क्विनोआ और जौ जैसे साबुत अनाज में प्रचुर मात्रा में घुलनशील फाइबर होता है, जो LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करने में मदद करता है। साथ ही, ये ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी सहायक हैं, जो कि दिल की बीमारियों के लिए एक बड़ा जोखिम कारक है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड्स
फैटी फिश जैसे सैल्मन, मैकेरल और टूना या फिर अलसी और चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। ये दिल की धड़कन नियमित रखते हैं, ब्लड क्लॉट बनने से रोकते हैं, और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करते हैं।
अलसी, अखरोट और एवोकाडो
ये हेल्दी फैट्स का बेहतरीन स्रोत हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर को कम करने, सूजन घटाने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में सहायक हैं। एवोकाडो खास तौर पर मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होता है जो दिल के लिए फायदेमंद है।
बता दें कि, सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट (70% या अधिक कोको) और ग्रीन टी का सेवन ब्लड प्रेशर कम करने और धमनियों के लचीलेपन को बनाए रखने में मदद करता है। इनमें मौजूद फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल्स दिल के लिए सुरक्षात्मक गुण रखते हैं।
खानपान के साथ-साथ, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन, पर्याप्त नींद और धूम्रपान से दूरी भी हृदय की सेहत बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। रोज़ाना 30 मिनट की ब्रिस्क वॉक या योग, दिल को फिट और सक्रिय बनाए रखता है।
दिल की सेहत को बनाए रखना केवल दवाओं पर निर्भर नहीं है। सही खानपान और नियमित दिनचर्या ही हृदय रोगों से बचाव की कुंजी है। छोटे-छोटे बदलाव जैसे फास्ट फूड से दूरी, ताजे फल-सब्जियों का सेवन, और पर्याप्त जल पीना, आपके दिल को सालों तक स्वस्थ बनाए रख सकता है।