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07-Aug-2025 02:07 PM
By First Bihar
Life Style: बारिश के मौसम में डेंगू का बुखार बहुत तेजी से फैलने लगता है। इसका मुख्य कारण है जगह-जगह जल जमाव और गंदगी, जिससे डेंगू के मच्छर तेजी से उत्पन्न होते हैं। अगर समय रहते मरीज को सही और प्रभावी इलाज न मिले तो डेंगू से संक्रमित व्यक्ति की प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है, जिससे स्थिति गंभीर और खतरनाक हो सकती है। ऐसे में डेंगू के मरीज की डाइट और देखभाल पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है।
ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू मरीजों के लिए हाइड्रेशन (जलयोजन) सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ मिलना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे, जिससे बुखार नियंत्रित होता है और रिकवरी तेजी से होती है। मरीज को दिनभर में नॉर्मल उबला हुआ पानी, नारियल पानी, ओआरएस घोल, ग्लूकोन-डी या सूप जैसे तरल पदार्थ पीने चाहिए। ये तरल पदार्थ शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को भी पूरा करते हैं।
डेंगू के दौरान हैवी और ठोस भोजन से बचना चाहिए क्योंकि इससे शरीर को जरूरी तरल पदार्थ मिलने में कमी हो सकती है। हल्का, सुपाच्य और बार-बार थोड़ा-थोड़ा भोजन करना सही रहता है। कम तेल में पकी हुई हरी पत्तेदार सब्ज़ियां जैसे पालक, मेथी, और मुरग़ा की हड्डी से बनी सूप का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, गाजर, कद्दू, ब्रोकली जैसी सब्जियां भी पौष्टिक होती हैं और पाचन तंत्र को मजबूत करती हैं।
फलों की बात करें तो डेंगू मरीजों को विटामिन सी से भरपूर खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, और अमरुद अवश्य खाने चाहिए। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए रोजाना सेब, अनार, पपीता और केले भी डाइट में शामिल करें। हालांकि, केले का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि यह थोड़ा भारी होता है। पपीता डेंगू में विशेष रूप से फायदेमंद होता है क्योंकि यह प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करता है।
डेंगू और कीवी के संबंध में आम भ्रांतियां हैं कि केवल कीवी खाने से डेंगू ठीक हो जाएगा। हालांकि, कीवी विटामिन सी, फाइबर और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में सहायक होता है, लेकिन इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।
डेंगू से बचाव के उपाय भी उतने ही जरूरी हैं: घर और आसपास कहीं भी जल जमाव न होने दें, मच्छरदानी और कीटनाशक का उपयोग करें, खुले कपड़ों का इस्तेमाल करें ताकि मच्छरों से बचा जा सके। साथ ही, अगर बुखार 3 से 4 दिन तक भी कम न हो या तेज बुखार, तेज सिरदर्द, पेट दर्द, अत्यधिक कमजोरी जैसी स्थिति हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बारिश के मौसम में डेंगू से बचाव के साथ-साथ डेंगू मरीज की डाइट, हाइड्रेशन और उचित देखभाल से बीमारी को जल्दी मात दी जा सकती है। सही जानकारी और सतर्कता ही डेंगू जैसी बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।