NEET छात्रा हत्याकांड!: जहानाबाद में 25 KM लंबा मार्च, सरकार पर लीपापोती का आरोप BIHAR: रंगदारी मामले में निलंबित थानाध्यक्ष अमरज्योति ने किया सरेंडर, कोर्ट ने भेजा जेल पटना में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: तीन कॉल सेंटरों पर रेड, 22 गिरफ्तार फ्लैट खरीदारों के हित पर जोर: रेरा बिहार कार्यक्रम में न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह का मार्गदर्शन बिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त: सारण में कई वाहन जब्त, 75.65 लाख का जुर्माना राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत: होली और दिवाली पर मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल विजय सिन्हा की चेतावनी के बावजूद बाज नहीं आ रहे राजस्व कर्मी, नीतीश के गृह जिले में 45 हजार घूस लेते निगरानी ने दबोचा Pappu Yadav: सांसद पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, MP-MLA कोर्ट ने जारी किया कुर्की-जब्ती का आदेश
28-Jun-2025 11:41 AM
By First Bihar
Life Style: मस्तिष्क हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। इसे स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार, हमारा दिमाग शरीर की लगभग 20 प्रतिशत कैलोरी खर्च करता है। इसलिए पूरे दिन बेहतर एकाग्रता और मानसिक सतर्कता बनाए रखने के लिए इसे ऊर्जा प्रदान करने वाले पोषक तत्वों से भरपूर भोजन की जरूरत होती है।
मस्तिष्क को ऊर्जा देने वाले खाद्य पदार्थों में सबसे अहम है ओमेगा-3 फैटी एसिड। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं के निर्माण और उनकी मरम्मत में मदद करता है। इसके अलावा, मस्तिष्क को कई एंटीऑक्सिडेंट्स की भी जरूरत होती है, जो सेलुलर स्ट्रेस और सूजन को कम करते हैं। इससे उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारियां और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग जैसे अल्जाइमर का खतरा कम होता है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर की प्रत्येक कोशिका के चारों ओर एक सुरक्षात्मक झिल्ली बनाने में मदद करता है, जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं भी शामिल हैं। 2017 के एक अध्ययन में पाया गया कि ओमेगा-3 का अधिक सेवन करने वाले लोगों के मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जिससे उनकी सोचने-समझने की क्षमता भी बढ़ती है। ओमेगा-3 से भरपूर खाद्य पदार्थ फैटी फिश साल्मन, मैकेरल, टूना, हेरिंग, सार्डिन हैं।
नट्स और बीज: अखरोट, बादाम, अलसी के बीज, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज नट्स और बीज न केवल ओमेगा-3 के स्रोत हैं, बल्कि इनमें विटामिन ई और एंटीऑक्सिडेंट्स भी होते हैं, जो कोशिकाओं को मुक्त कणों (फ्री रैडिकल्स) से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। 2014 के एक अध्ययन ने दिखाया कि नियमित नट्स का सेवन वृद्धावस्था में मस्तिष्क के बेहतर कार्य से जुड़ा हुआ है।
हरी सब्जियां विशेष रूप से क्रूसिफेरस सब्जियां जैसे ब्रोकली, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, बोक चोय, फूलगोभी, शलजम और केल डाइट्री फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स का अच्छा स्रोत होती हैं। ब्रोकली में पाए जाने वाले ग्लूकोसाइनोलेट्स जब टूटते हैं तो आइसोथियोसाइनेट्स बनते हैं, जो ऑक्सिडेटिव तनाव को कम करते हैं और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के खतरे को घटाते हैं।
इसके अलावा, कुछ अन्य पोषक तत्व भी मस्तिष्क स्वास्थ्य में सहायक होते हैं। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स (जैसे बी6, बी12, फोलेट) जो न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में मदद करते हैं। क्लोरोजेनिक एसिड और पॉलीफेनोल्स जो कॉफी, ग्रीन टी और कुछ फल जैसे ब्लूबेरी में पाए जाते हैं, ये भी मस्तिष्क की सूजन कम करने और स्मृति बढ़ाने में सहायक हैं।
एक संतुलित आहार जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों, मस्तिष्क को स्वस्थ और सक्रिय रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से फैटी फिश, नट्स, बीज, और हरी सब्जियों का सेवन न केवल मानसिक सतर्कता बढ़ाता है, बल्कि उम्र बढ़ने से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है। इसलिए अपनी डाइट में इन फूड्स को शामिल करना बेहद जरूरी है।