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14-Aug-2025 03:23 PM
By First Bihar
Bird Flu: बरसात के मौसम में जब डेंगू और मलेरिया जैसे मच्छरजनित रोग आम हो जाते हैं, ऐसे समय में उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एच5 एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के मामलों की पुष्टि ने नई चिंता खड़ी कर दी है। एक पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों में संक्रमण पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने और एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति पर नज़र रखने और संभावित फैलाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया है।
बर्ड फ्लू के फैलते मामलों के बीच लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या अंडे खाना सुरक्षित है? खासकर उन लोगों के लिए जो प्रतिदिन अंडे का सेवन करते हैं। इस सवाल पर कुछ डॉक्टरों का कहना है कि यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है, लेकिन संक्रमित मुर्गियों द्वारा दिए गए अंडों में इसकी मौजूदगी की संभावना भी रहती है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अगर अंडों को ठीक से पकाया जाए, तो उनमें मौजूद वायरस पूरी तरह से नष्ट हो जाता है और वे खाने के लिए सुरक्षित हो जाते हैं।
डॉक्टरों ने बर्ड फ्लू से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी देते है। डॉक्टर्स का कहना है कि अंडों को 74°C (165°F) तक गर्म करके अच्छी तरह से पकाएं, ताकि उनका योक सॉलिड हो और कोई वायरस न बचे। कच्चे अंडे को छूने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं। जिन बर्तनों या सतहों से अंडा संपर्क में आए, उन्हें अच्छी तरह से साफ करें। अंडों को फलों, सब्जियों और पके हुए खाद्य पदार्थों से अलग रखें। चिकन और अंडों को काटने या पकाने के लिए अलग-अलग बर्तनों और चाकू का इस्तेमाल करें।
इस बीच, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के वैज्ञानिकों ने भी बर्ड फ्लू के H5N1 वायरस पर एक रिसर्च की है। इस स्टडी में सामने आया है कि H5N1 वायरस का 2.3.4.4b क्लेड ऐसा म्यूटेशन कर चुका है, जो इसे मनुष्यों के लिए भी ज्यादा संक्रामक बना सकता है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग फिलहाल अलर्ट पर हैं और पोल्ट्री प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल में सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं। यदि लोग उचित सावधानी बरतें और अंडों को अच्छी तरह से पकाएं, तो अंडा खाना सुरक्षित बना रह सकता है।