Patna Crime News: पटना में दिनदहाड़े कारोबारी पर फायरिंग, डिलीवरी बॉय ने चलाई गोली Patna Crime News: पटना में दिनदहाड़े कारोबारी पर फायरिंग, डिलीवरी बॉय ने चलाई गोली Bihar News: बिहार में गरीबों की छतों पर मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना, 22-24 घंटे तक होगी बिजली आपूर्ति Bihar News: बिहार में गरीबों की छतों पर मुफ्त सोलर रूफटॉप योजना, 22-24 घंटे तक होगी बिजली आपूर्ति Bihar News: बिहार के इस एयरपोर्ट को लेकर बड़ा ऐलान, इंटरनेशनल उड़ानों के लिए रनवे से लेकर लॉजिस्टिक पार्क के लिए फंड Bihar News: बिहार के इस एयरपोर्ट को लेकर बड़ा ऐलान, इंटरनेशनल उड़ानों के लिए रनवे से लेकर लॉजिस्टिक पार्क के लिए फंड Bihar News: बिहार के हर गांव में बनेगी दुग्ध उत्पादन समिति, हर पंचायत में खुलेगा सुधा बिक्री केंद्र; सरकार का बड़ा एलान Bihar News: बिहार के हर गांव में बनेगी दुग्ध उत्पादन समिति, हर पंचायत में खुलेगा सुधा बिक्री केंद्र; सरकार का बड़ा एलान PU Student Union Election: पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की घोषणा, वोटिंग और रिजल्ट एक ही दिन PU Student Union Election: पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव की घोषणा, वोटिंग और रिजल्ट एक ही दिन
16-Jan-2025 01:59 PM
By First Bihar
MAHA KUMBH 2025: महाकुंभ में अबतक करोड़ों लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। इस मेले में साधु-संतों, नागा बाबाओं और दुनियाभर से आए धर्मगुरुओं की भीड़ देखी जा रही है। लेकिन इस बार एक खास साधु ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। ये हैं 'IITian बाबा', जो आजकल काफी वायरल हो रहे हैं।
IITian बाबा का असली नाम अभय सिंह है, जो अब 'मसानी गोरख' के नाम से जाने जाते हैं। हरियाणा के रहने वाले अभय ने IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद उन्होंने डिजाइन में मास्टर्स किया और कुछ समय तक फोटोग्राफी का काम भी किया। इसके अलावा वे फिजिक्स पढ़ाने वाले कोच भी रहे। कॉरपोरेट वर्ल्ड में कुछ समय जॉब करने के बाद उन्होंने वैज्ञानिक दुनिया को छोड़कर आध्यात्म की राह पकड़ ली।
वे खुद की तलाश में भटकते रहे और पोस्ट-मॉडर्निज्म, सुकरात और प्लेटो जैसे दार्शनिकों के विचारों का अध्ययन किया। लेकिन उनका मानना है कि असली ज्ञान आध्यात्म में है। IITian 'बाबा' ने कहा कि, "अब मुझे समझ में आया कि असली ज्ञान क्या है। अगर मन और मानसिक स्वास्थ्य को समझना है, तो इसे आध्यात्म के जरिए ही समझा जा सकता है।" जब उनसे पूछा गया कि वे साधु बनने के इस पड़ाव तक कैसे पहुंचे, तो उन्होंने कहा, "यह सबसे अच्छा पड़ाव है।"