ब्रेकिंग न्यूज़

Patna Crime News: पटना में सरेआम चाकू मारकर युवक की हत्या, दो अन्य लड़के घायल; दिनदहाड़े चाकूबाजी की वारदात से हड़कंप Patna Crime News: पटना में सरेआम चाकू मारकर युवक की हत्या, दो अन्य लड़के घायल; दिनदहाड़े चाकूबाजी की वारदात से हड़कंप Bihar News: मुजफ्फरपुर औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की प्रक्रिया तेज, भूमि अधिग्रहण के लिए जनसुनवाई की डेट फिक्स; जानिए.. Bihar News: मुजफ्फरपुर औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की प्रक्रिया तेज, भूमि अधिग्रहण के लिए जनसुनवाई की डेट फिक्स; जानिए.. Bihar News: बिहार के इस जिले में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मिलेगी रफ्तार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया हुई तेज Bihar News: बिहार के इस जिले में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मिलेगी रफ्तार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया हुई तेज Patna Metro: पटना मेट्रो परियोजना को मिलेगी रफ्तार, इन दो बचे स्टेशनों पर काम होगा तेज; जानिए.. कब तक पूरा होगा ब्लू लाइन भूमिगत हिस्सा? Patna Metro: पटना मेट्रो परियोजना को मिलेगी रफ्तार, इन दो बचे स्टेशनों पर काम होगा तेज; जानिए.. कब तक पूरा होगा ब्लू लाइन भूमिगत हिस्सा? Bihar News: बिहार–झारखंड के बीच बनी सैद्धांतिक सहमति, जल्द खत्म होगा 26 साल पुराना विवाद Bihar News: बिहार–झारखंड के बीच बनी सैद्धांतिक सहमति, जल्द खत्म होगा 26 साल पुराना विवाद

National Postal Day: खत से कनेक्शन तक, जानें कैसे बदल गया संचार

National Post Day: एक समय था जब खत आने पर पूरा परिवार उसे पढ़ने के लिए इकट्ठा हो जाता था। पोस्टमैन की सीटी या साइकिल की घंटी सुनते ही बच्चे दौड़ पड़ते थे। उस दौर में न मोबाइल थे, न इंटरनेट—बस चिट्ठियां ही जुड़ाव का जरिया थीं। लेकिन अब समय के साथ डाक

National Post Day

10-Oct-2025 10:29 AM

By First Bihar

National Post Day: एक समय था जब खत आने पर पूरा परिवार उसे पढ़ने के लिए इकट्ठा हो जाता था। पोस्टमैन की सीटी या साइकिल की घंटी सुनते ही बच्चे दौड़ पड़ते थे। उस दौर में न मोबाइल थे, न इंटरनेट—बस चिट्ठियां ही जुड़ाव का जरिया थीं। लेकिन अब समय के साथ डाक की कई पारंपरिक सर्विसेज बंद हो गई हैं। आइए जानते हैं वो कौन-कौन सी है सर्विसेज... 


भारत में हर साल 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय डाक दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय डाक सेवा की अहमियत को याद करने और उसकी भूमिका को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। पहली बार यह सेवा 1854 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने शुरू की थी। उस समय डाक के जरिए ही लोग दूर बैठे अपने परिवार और दोस्तों से जुड़ते थे। लेकिन अब समय बदल गया है। टेक्नोलॉजी के आने से लोगों ने मोबाइल, इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं को अपनाया और कई पुरानी डाक सेवाएं अब इतिहास बन चुकी हैं। आइए जानते हैं, वे कौन-कौन सी सेवाएं हैं जो अब हमारे बीच नहीं रहीं:


टेलीग्राम (तार): ये सेवा बेहद जरूरी संदेशों के लिए होती थी, जैसे किसी की शादी, मौत या कोई इमरजेंसी। जब तार आता था, तो लोग घबरा जाते थे। लेकिन अब ये सेवा बंद हो चुकी है।

मनीऑर्डर: पहले पैसे भेजने के लिए मनीऑर्डर सबसे सुरक्षित तरीका था। पोस्ट ऑफिस में फॉर्म भरकर पैसे भेजे जाते थे। अब इसकी जगह ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स ने ले ली है।

पोस्टकार्ड: 15-25 पैसे में मिलने वाला पोस्टकार्ड लोगों की भावनाएं पहुंचाने का जरिया था। अब सब कुछ मोबाइल पर हो जाने से पोस्टकार्ड का दौर खत्म हो गया।

इनलैंड लेटर: नीले रंग का यह पत्र लंबी चिट्ठियां लिखने के लिए होता था। अब इसकी जगह ईमेल और मैसेजिंग ऐप्स ने ले ली है।

फैक्स: पहले डॉक्यूमेंट भेजने के लिए फैक्स मशीन का इस्तेमाल होता था। अब स्कैन और ईमेल से काम आसान हो गया है।

टेलेक्स: टेलेक्स मशीन से टाइप कर संदेश भेजे जाते थे। अब मोबाइल और इंटरनेट के जमाने में इसकी जरूरत ही नहीं रही।


फिलेटेली पासबुक और रजिस्टर्ड डाक: टिकटें जमा करने का शौक (फिलेटेली) अब बहुत कम हो गया है। वहीं रजिस्टर्ड डाक जो कभी जरूरी सामान भेजने के लिए इस्तेमाल होती थी, अब उसकी जगह कूरियर और डिजिटल सेवाओं ने ले ली है। अब ये सेवाएं भले ही खत्म हो गई हों, लेकिन इनके साथ जुड़ी यादें आज भी हमारे दिलों में ज़िंदा हैं।