BIHAR: दो बाइक की सीधी टक्कर में वकील की मौत, घायल युवक DMCH रेफर मुंगेर में अवैध गिट्टी और बालू ढुलाई पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 गिरफ्तार, 47 लाख का जुर्माना NEET छात्रा हत्याकांड!: जहानाबाद में 25 KM लंबा मार्च, सरकार पर लीपापोती का आरोप BIHAR: रंगदारी मामले में निलंबित थानाध्यक्ष अमरज्योति ने किया सरेंडर, कोर्ट ने भेजा जेल पटना में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: तीन कॉल सेंटरों पर रेड, 22 गिरफ्तार फ्लैट खरीदारों के हित पर जोर: रेरा बिहार कार्यक्रम में न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह का मार्गदर्शन बिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त: सारण में कई वाहन जब्त, 75.65 लाख का जुर्माना राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत: होली और दिवाली पर मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल Bihar News: जनगणना को लेकर नीतीश सरकार ने शुरू की तैयारी, समन्वय समिति की हुई बैठक; पूछे जाएंगे आपसे 33 सवाल
18-Mar-2025 09:14 PM
By First Bihar
Aadhar Voter Id Linking: चुनाव आयोग ने फर्जी वोटरों की पहचान के लिए बड़ा फैसला लिया है। पैन की तरह अब वोटर कार्ड को भी आधार से लिंक किया जाएगा। यह अहम फैसला 18 मार्च को दिल्ली में ली गयी। जहां केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण और चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुई एक अहम बैठक इस पर चर्चा हुई जिसमें वोटर आईडी को आधार से जोड़ने का अहम फैसला लिया गया।
चुनाव आयोग ने फर्जी वोटरों की पहचान के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब पैन कार्ड की तरह वोटर कार्ड को भी आधार से लिंक किया जाएगा। यह निर्णय 18 मार्च को दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और चुनाव आयोग के अधिकारियों ने भाग लिया।
अब वोटर आईडी (EPIC) और आधार को जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। निर्वाचन आयोग ने इस कदम को संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 23(4), 23(5) और 23(6) के तहत मंजूरी दी है। इससे पहले सरकार ने पैन कार्ड को आधार से जोड़ने का फैसला लिया था।
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत लागू करने की बात कही। चुनाव आयोग का मानना है कि आधार को वोटर आईडी से जोड़ने से वोटर लिस्ट को साफ और सटीक बनाया जा सकेगा, जिससे फर्जी वोटरों की पहचान आसान होगी और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने कहा कि अगले तीन महीने में डुप्लिकेट वोटर आईडी कार्डों को नए EPIC नंबर से बदला जाएगा, हालांकि यह माना गया है कि डुप्लिकेट नंबर का मतलब फर्जी वोटर नहीं होता। आधार को वोटर आईडी से जोड़ने का मुख्य उद्धेश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और फर्जी वोटिंग को रोकना है। इससे एक व्यक्ति द्वारा कई स्थानों पर वोट डालने की संभावना समाप्त हो जाएगी।