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27-Nov-2025 10:40 AM
By First Bihar
Vigilance Raid Rosra : समस्तीपुर जिले के रोसड़ा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) उपेंद्रनाथ वर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने बड़ी कार्रवाई की। तड़के सुबह शुरू हुई यह छापेमारी देर शाम तक चलती रही। पूरा मामला निगरानी थाना कांड संख्या 99/25 से जुड़ा है, जिसमें वर्मा पर disproportionate assets (DA) अर्जित करने का आरोप है। टीम ने रोसड़ा और पटना दोनों जगह मौजूद उनके आवासों व कार्यालयों पर एक साथ दबिश दी।
रोसड़ा के किराए के मकान से नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद
कार्रवाई की शुरुआत रोसड़ा स्थित वर्मा के किराए के मकान से हुई। टीम को यहां से 5 लाख 600 रुपये नकद मिले। साथ ही करीब 2 लाख रुपये की एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की रसीद, संपत्ति से संबंधित कई कागजात, विभिन्न बिल, रसीदें और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। छापेमारी के दौरान सारी जब्ती की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और पूरी कार्रवाई का पंचनामा भी तैयार किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों में कई ऐसे कागजात हैं जो EO वर्मा की कथित चल-अचल संपत्तियों से जुड़ सकते हैं। टीम अब दस्तावेजों के स्रोत, लेनदेन और नकदी के संबंध में गहन जांच कर रही है कि क्या यह अवैध आय का हिस्सा है।
नगर परिषद कार्यालय में भी चली लंबी तलाशी
रोसड़ा के मकान के बाद टीम नगर परिषद कार्यालय पहुंची और कई शाखाओं की तलाशी ली। कंप्यूटर सेक्शन, लेखा शाखा, टैक्स विभाग और EO कक्ष सहित कई सेक्शनों की फाइलें खंगाली गईं। अधिकारियों ने बताया कि कार्यालय से कोई निजी या संदिग्ध दस्तावेज नहीं मिले हैं, हालांकि पुरानी लेनदेन फाइलें, विभागीय रजिस्टर और कुछ कॉपियां जांच के लिए जब्त की गई हैं।निगरानी ब्यूरो के डीएसपी पवन कुमार ने कहा,“घर और कार्यालय की तलाशी ली गई है। ऑफिस से कोई निजी सामान नहीं मिला है। बरामद नकदी व दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। आगे की विधि प्रक्रिया चलेगी।”
पटना स्थित आवास पर भी दबिश, मिले कई वित्तीय दस्तावेज
कार्रवाई को व्यापक रूप देने के लिए ब्यूरो की दूसरी टीम ने वर्मा के पटना स्थित आवास पर भी छापा मारा। यहां से भी कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनमें वित्तीय लेनदेन और संपत्ति निवेश से संबंधित कागजात होने की बात सामने आ रही है। इन दस्तावेजों का मिलान रोसड़ा से बरामद फाइलों के साथ किया जाएगा।
कार्रवाई से नगर परिषद में हड़कंप
निगरानी टीम के अचानक कार्यालय पहुंचने से कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई कर्मचारी अचानक कार्यालय छोड़ते दिखे, जबकि कुछ ने फोन पर अधिकारियों को जानकारी दी। कार्यालय का माहौल सामान्य दिनों की तुलना में अधिक तनावपूर्ण रहा। कई कर्मचारियों ने off-record बताया कि EO वर्मा कई योजनाओं के भुगतान और विभागीय मामलों में सीधे हस्तक्षेप करते रहे हैं, इसलिए कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर पूरे दिन चलता रहा।
आय से अधिक संपत्ति का पूरा मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने EO वर्मा के खिलाफ आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। पिछले कई दिनों से उनके बैंक खाते, बीमा पॉलिसियों, जमीन-फ्लैट खरीद, आभूषणों, परिजनों के खातों और लेनदेन की जांच की जा रही थी। इसी जांच के आधार पर बुधवार को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की गई।आमतौर पर ऐसे मामलों में अधिकारी की सभी वित्तीय गतिविधियों का forensic audit किया जाता है। वर्मा के मामले में भी यही प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
बरामद नकदी और दस्तावेजों को सील कर forensic accounting टीम को भेज दिया गया है। जांच टीम सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद EO वर्मा से विस्तृत पूछताछ करेगी। आवश्यकता होने पर उन्हें हिरासत में लेकर भी पूछताछ की जा सकती है।डीएसपी पवन कुमार ने कहा कि बरामद सामग्री का मूल्यांकन और बैंक लेनदेन की जांच पूरी होने के बाद कानून संगत कार्रवाई की जाएगी।
रोसड़ा में इस कार्रवाई की चर्चा पूरे दिन होती रही। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक नगर परिषद EO के पास इतनी नकदी और बीमा पॉलिसियों की रसीदें कैसे मिलीं। कई लोगों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सकारात्मक कदम बताया। वहीं कुछ लोग इसे किसी बड़े घोटाले से जुड़े होने की संभावना भी मान रहे हैं। निगरानी की इस बड़ी कार्रवाई ने रोसड़ा नगर परिषद और आसपास के क्षेत्रों में हलचल मचा दी है, वहीं लोग आगे की कार्रवाई और अंतिम निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं।