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20-Oct-2025 11:24 AM
By First Bihar
Bihar Assembly Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और वाम दलों के बीच अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। यही कारण है कि अंतिम दिन तक भी गठबंधन की पूरी उम्मीदवार सूची जारी नहीं हो पाई थी। हालांकि चुनाव आयोग द्वारा नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आते ही राजद ने अपनी पूरी लिस्ट जारी कर दी है।
महागठबंधन में राजद कुल 143 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी RJD को दी गई है। कांग्रेस और वाम दलों के लिए सीटों का वितरण अभी भी विवादित रहा। RJD ने अधिकांश सीटों पर अपने अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं को उतारने की योजना बनाई है। वहीं कांग्रेस और वाम दल अपने प्रतिनिधित्व को लेकर सहमति बनाकर ;लिस्ट जारी कर चुके हैं।
महागठबंधन में सीट बंटवारे की प्रक्रिया काफी जटिल रही है। RJD के अंदरूनी नेताओं का कहना है कि उनका जोर है कि पार्टी को अधिक से अधिक ताकतवर उम्मीदवारों को मैदान में उतारना चाहिए। वहीं कांग्रेस और वाम दल चाहते हैं कि उन्हें भी पर्याप्त संख्या में सीटें मिलें ताकि गठबंधन के भीतर संतुलन बना रहे। राजद की अंतिम सूची जारी होने के बावजूद महागठबंधन के भीतर अभी भी नाराजगी बनी हुई है। कई छोटे दल और स्थानीय नेता अब भी यह महसूस कर रहे हैं कि उनके लिए उपयुक्त सीटें नहीं मिली हैं। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि यह असंतोष चुनाव के दौरान गठबंधन की रणनीति पर असर डाल सकता है।
महागठबंधन ने चुनावी दृष्टि से सभी कमजोर और संवेदनशील सीटों पर रणनीति बनाई है। RJD ने ज्यादातर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में अपने उम्मीदवारों को उतारा है, जबकि कांग्रेस और वाम दल शहरी और अधिक प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों पर फोकस कर रहे हैं। गठबंधन के अंदर की खींचतान के बावजूद, नेताओं ने जनता के सामने एकजुट होने का संदेश दिया है। RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके बड़े बेटे तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महागठबंधन हर हाल में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनावी मैदान में उतरेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि सीटों के विवाद को सुलझाना चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि गठबंधन के भीतर सभी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। वाम दलों ने भी समर्थन की पुष्टि की है और कहा कि वे गठबंधन की नीतियों के अनुरूप काम करेंगे। महागठबंधन की अंतिम सूची से यह स्पष्ट होता है कि RJD ने चुनाव में प्रमुख भूमिका निभाने की ठानी है। इसके अलावा, सीटों के बंटवारे में संतुलन बनाने के लिए कांग्रेस और वाम दलों के नेताओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि महागठबंधन के अंदर की खींचतान और सीटों को लेकर विवाद से विपक्षी दलों को लाभ मिल सकता है। हालांकि RJD ने इस स्थिति को संभालने के लिए अंतिम दिन तक अपनी पूरी लिस्ट जारी की है, जिससे वोटरों के बीच गठबंधन के मजबूत होने का संदेश जाने की कोशिश की गई है। इस बार महागठबंधन का ध्यान चुनावी मैदान में अपने प्रत्याशियों की छवि और जनता से संवाद पर ज्यादा है। नेताओं का मानना है कि केवल सीटों का बंटवारा ही नहीं बल्कि उम्मीदवारों की स्वीकार्यता भी जीत के लिए जरूरी है।
अंततः, महागठबंधन की 143 सीटों की अंतिम सूची जारी हो गई है। इसके बाद अब सभी दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव आयोग ने भी सभी दलों को चुनावी प्रक्रिया के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और अब नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस तरह महागठबंधन ने अपने अंदरूनी विवाद और सीट बंटवारे की जटिलताओं को पार करते हुए चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत दिखाने की तैयारी कर ली है। आगामी चुनाव में यह देखने वाली बात होगी कि RJD, कांग्रेस और वाम दल मिलकर कितनी सफलता हासिल कर पाते हैं।









