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12-Nov-2025 01:39 PM
By First Bihar
Bihar ITI Students : बिहार सरकार ने राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से पास होने वाले छात्रों के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिससे उन्हें देश और विदेश की बड़ी कंपनियों में रोजगार का बेहतर अवसर मिल सकेगा। राज्य सरकार ने यह निर्णय उस विभागीय समीक्षा बैठक के बाद लिया है, जिसमें यह बात सामने आई थी कि आईटीआई से पास होने के बाद छात्रों को उपयुक्त नौकरी नहीं मिल पा रही है और वे बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं।
विभागीय सचिव की पहल पर बना ट्रेनिंग प्लान
समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि तकनीकी योग्यता रखने के बावजूद आईटीआई छात्रों को उनके कौशल के अनुसार काम नहीं मिल पाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए श्रम संसाधन विभाग ने ठोस कदम उठाया है। विभागीय सचिव ने अन्य राज्यों में स्थित नामी औद्योगिक इकाइयों से संपर्क कर बिहार के छात्रों को वहां ट्रेनिंग दिलाने की व्यवस्था करने की अपील की है। इसका उद्देश्य यह है कि छात्रों को उद्योगों के वास्तविक माहौल में काम करने का अनुभव मिले और उनकी स्किल्स का स्तर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके।
देश-विदेश में बढ़ेगी मांग
राज्य सरकार का मानना है कि बिहार के आईटीआई छात्र मेहनती और तकनीकी रूप से सक्षम हैं। इनकी मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार अब ऐसे संस्थानों से जुड़ने की तैयारी कर रही है, जो विदेशी कंपनियों से ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के अवसर मुहैया कराते हैं। इस कदम से छात्रों को न केवल देश के बड़े उद्योगों में काम करने का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में भी रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
बेहतर कंपनियों में प्लेसमेंट की संभावना
आईटीआई छात्रों के लिए अब केवल सरकारी नौकरियों, विशेषकर रेलवे, पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। हाल के वर्षों में रेलवे में भर्ती की दर में कमी आने से छात्रों की चिंताएं बढ़ गई थीं। अब राज्य सरकार की इस योजना के तहत छात्रों को निजी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी नौकरी के अवसर मिलेंगे। प्लेसमेंट सेल के माध्यम से छात्रों को देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों से जोड़ा जाएगा।
प्लेसमेंट सेल रखेगा पूरी जानकारी
अब तक विभाग के पास आईटीआई छात्रों के प्लेसमेंट से जुड़ा कोई ठोस रिकार्ड नहीं था। लेकिन नई पहल के तहत प्रत्येक संस्थान में एक “प्लेसमेंट मॉनिटरिंग सेल” बनाया जाएगा, जो यह निगरानी करेगा कि कौन सा छात्र किस कंपनी में प्लेस हुआ, उसने नौकरी ज्वाइन की या नहीं, और नौकरी के बाद उसका प्रदर्शन कैसा रहा। यह डाटा राज्य स्तरीय पोर्टल पर भी अपलोड किया जाएगा, ताकि भविष्य में इसका विश्लेषण किया जा सके।
राज्य सरकार का लक्ष्य: स्किल इंडिया से ग्लोबल एम्प्लॉयमेंट तक
बिहार सरकार का यह प्रयास प्रधानमंत्री के “स्किल इंडिया” अभियान को गति देने वाला कदम माना जा रहा है। राज्य का उद्देश्य है कि तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवा केवल स्थानीय उद्योगों तक सीमित न रहें, बल्कि वे देश और विदेश की उन कंपनियों में भी काम कर सकें, जहां उनकी क्षमता की आवश्यकता है।
छात्रों में दिखी उत्सुकता
आईटीआई के छात्रों में इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। उनका कहना है कि अगर राज्य सरकार वाकई उन्हें बेहतर ट्रेनिंग और प्लेसमेंट का मौका देती है तो यह उनके करियर के लिए एक बड़ा अवसर होगा। कई छात्र विदेशों में काम करने का सपना देखते हैं, जो अब साकार हो सकता है।
राज्य सरकार का यह कदम बिहार के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि बिहार के युवाओं की पहचान देश और विदेश के औद्योगिक जगत में एक कुशल और मेहनती कार्यबल के रूप में स्थापित होगी।