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16-Nov-2025 09:03 AM
By First Bihar
Bihar Government Formation: बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम जारी होने के बाद अब प्रदेश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। चुनाव आयोग रविवार को नव निर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सौंपेंगे। इसके बाद संसदीय कार्य विभाग नई सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेगा।
जानकारी के मुताबिक, राज्यपाल द्वारा नव निर्वाचित विधायकों की सूची को संसदीय कार्य विभाग को सौंपने के बाद विभाग अधिसूचना जारी करेगा और 17वीं विधानसभा के विघटन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करेगा। यह प्रक्रिया 22 नवंबर तक पूरी हो जाएगी, और यदि उस तक विधानसभा भंग नहीं होती है, तो उस तिथि के प्रभाव से इसे स्वतः भंग माना जाएगा। इस कदम से न केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी बल्कि सत्ता संक्रमण के लिए मार्ग भी साफ़ होगा।
मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक के बाद राज्यपाल को सरकार का इस्तीफा सौंपेंगे। इस्तीफा सौंपने के बाद राज्यपाल उनसे अनुरोध करेंगे कि नयी सरकार गठन होने तक वे कार्यकारी मुख्यमंत्री के रूप में बने रहें, ताकि सत्ता में किसी प्रकार का अंतराल न आए। इस दौरान सरकार के कामकाज में कोई व्यवधान नहीं होगा और सभी प्रशासनिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहेंगी।
इसके बाद, एनडीए विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया पूरी होगी। विधायकों के नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार नई सरकार गठन का दावा राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इस सूची में एनडीए के सभी घटक दलों के नव निर्वाचित विधायकों की जानकारी दी जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्यपाल शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रण जारी करेंगे।
नयी सरकार के शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री तुरंत कैबिनेट की बैठक बुलाएंगे। इस बैठक में न केवल मंत्रिमंडल के विभागों का बंटवारा होगा बल्कि सरकार के कार्यकाल के पहले महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इसके साथ ही 18वीं विधानसभा के पहले सत्र की तैयारी भी शुरू हो जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह में सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
इस बार का सत्ता हस्तांतरण सुचारू और तेज तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करना नहीं है, बल्कि राज्य में स्थिर शासन और विकास कार्यों में कोई बाधा न आने देना भी है। नई सरकार के गठन के बाद बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और अवसंरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से काम शुरू होने की संभावना है।
संसदीय कार्य विभाग इस प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। विभाग सभी आवश्यक कागजात, विधायकों की सूची, अधिसूचनाएं और शपथ ग्रहण की औपचारिकताओं को सुनिश्चित करता है। विभाग की तत्परता के कारण नई सरकार समय पर शपथ ग्रहण कर सकेगी और विधानसभा का नया सत्र समय से पहले शुरू होगा। इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य ध्यान नीतीश कुमार के नेतृत्व, एनडीए के घटक दलों के संतुलन और विधायकों के रजिस्ट्रेशन पर रखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बार सत्ता हस्तांतरण पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से होगा, जिससे राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनी रहे।
बिहार के नागरिकों की नजर अब नई सरकार के शपथ ग्रहण और 18वीं विधानसभा के पहले सत्र पर टिकी है। प्रशासन, विधायक और राज्यपाल मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सत्तास्थापन में कोई देरी या विवाद न आए, और राज्य सुचारू रूप से विकास की दिशा में आगे बढ़ सके।