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11-Nov-2025 06:37 AM
By First Bihar
बिहार में मंगलवार को दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। इस चरण में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं। निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक तैयारी की है। सोमवार दोपहर के बाद से ही सभी जिलों में जिला निर्वाचन पदाधिकारियों की मौजूदगी में मतदान कर्मियों के बीच ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का वितरण किया गया। मतदान दलों को मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। मंगलवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी।
बूथ सूची एवं मतदाता सूची की तैयारी
प्रत्येक जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर बूथ लिस्ट और मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई है ताकि मतदाता अपने मतदान केंद्र की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLO) तैनात किए गए हैं जो स्थानीय मतदाताओं की जानकारी रखते हैं और किसी भी त्रुटि को ठीक करने का कार्य करते हैं। मतदाता सूची में सुधार, फोटो-पहचान अद्यतन और नए नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है। BLO को मतदाता पहचान सत्यापन, बूथ प्रबंधन और इलेक्ट्रॉनिक सूची अपडेटिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा, मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची की अतिरिक्त प्रतियां और डिजिटल डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं ताकि पहचान सत्यापन में समय की बचत हो सके।
ईवीएम/वीवीपैट और तकनीकी व्यवस्था
निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की विस्तृत तैयारी की है। सभी मशीनों की जांच, परीक्षण और सीलिंग का कार्य जिला निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में पूरा किया गया। ईवीएम और वीवीपैट की रैंडमाइजेशन प्रक्रिया, मॉक पोल टेस्ट और बैकअप सिस्टम की जांच के बाद इन्हें स्ट्रॉन्गरूम से मतदान केंद्रों पर भेजा गया। बूथ-स्तरीय कर्मियों को मशीन संचालन, वोटिंग प्रक्रिया और तकनीकी गड़बड़ियों के समाधान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। मतदान केंद्रों पर तकनीकी सहायता के लिए इंजीनियरों और तकनीकी सहयोगियों की टीम भी तैनात की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील बूथों की मॉनिटरिंग
दूसरे चरण के मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भारत-नेपाल सीमा से लगे जिलों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कंपनियों के साथ-साथ राज्य पुलिस और होमगार्ड जवानों की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। इसके अलावा, हर जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं जो मतदान केंद्रों के आसपास लगातार गश्त कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के दबाव, धमकी या गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशिक्षण और जनजागरण (SVEEP) अभियान
मतदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने और मतदाताओं को अधिक से अधिक संख्या में बूथ तक लाने के लिए SVEEP (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) कार्यक्रम के तहत व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाए जा रहे हैं। पोस्टर, बैनर, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली और सोशल मीडिया कैंपेन के माध्यम से मतदाताओं को मतदान की प्रक्रिया और उसके महत्व की जानकारी दी जा रही है। वहीं, मतदान कर्मियों और बूथ अधिकारियों को दोहराया प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे मतदान के दिन किसी भी परिस्थिति में आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें। मतदान केंद्रों पर प्रथम सहायता और आपातकालीन स्थिति में सहयोग के लिए मेडिकल टीम भी उपलब्ध रहेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और मतदाता सुविधाएँ
मतदान केंद्रों की मूलभूत संरचना और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रत्येक बूथ पर छाया, पीने के पानी, शौचालय और बैठने की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग कतार, व्हीलचेयर और रैंप जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। कई मतदान केंद्रों को मॉडल बूथ के रूप में विकसित किया गया है, जहाँ स्थानीय संस्कृति की झलक और आधुनिक सुविधाओं का संयोजन किया गया है। इसके अलावा, महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए ‘सखी बूथ’ (महिला-संचालित मतदान केंद्र) भी बनाए गए हैं।
नियंत्रण कक्ष और शिकायत निवारण प्रणाली
प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया गया है जो मतदान के दिन पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखेगा। किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। मतदाता किसी भी शिकायत या गड़बड़ी की सूचना सीधे जिला निर्वाचन कार्यालय या जनसंपर्क विभाग को दे सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के मतदान को सफल, पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। मतदाता सूची से लेकर ईवीएम की सुरक्षा, बूथ प्रबंधन से लेकर जागरूकता अभियान तक, हर स्तर पर प्रशासनिक सतर्कता दिखाई दे रही है। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करें और लोकतंत्र के इस पर्व को सफल बनाएं।