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10-Nov-2025 08:26 AM
By First Bihar
Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के लिए रविवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार पूरी तरह थम गया। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार, अब किसी भी दल या प्रत्याशी को सभा, जुलूस या रोड शो करने की अनुमति नहीं है। इस चरण में कुल 122 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस बार कुल 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इनमें पहले चरण में 48 और दूसरे चरण में 53 सीटों पर उसके उम्मीदवार मैदान में हैं। दूसरे चरण में बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं का राजनीतिक भविष्य दांव पर है। इनमें झंझारपुर से नीतीश मिश्र, छातापुर से नीरज कुमार सिंह बबलू, बेतिया से रेणु देवी, और हरसिद्धि से कृष्णनंदन पासवान जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
भाजपा के गढ़ों में मतदान
11 नवंबर को जिन जिलों में मतदान होना है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर जैसे जिले बीजेपी के पारंपरिक गढ़ माने जाते हैं। पार्टी को इन इलाकों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं सीमांचल के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में मुकाबला काफी कड़ा रहने वाला है। शाहाबाद इलाके के नवादा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और रोहतास जिलों में भी बीजेपी और महागठबंधन के बीच कड़ा संघर्ष देखा जा रहा है।
प्रचार में झोंकी पूरी ताकत
एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी ने अपने स्टार प्रचारकों की पूरी फौज मैदान में उतारी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, और बिहार के चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दर्जनों जनसभाएं कीं।
आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक 14 जनसभाएं, बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने 11, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13, गृह मंत्री अमित शाह ने 24, और योगी आदित्यनाथ ने 31 रैलियां कर चुनाव प्रचार को धार दी। मोदी और शाह ने विशेष रूप से सीमांचल और मगध क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया, जहां महागठबंधन की पकड़ मजबूत मानी जाती है।
अमित शाह का तीखा हमला
प्रचार के अंतिम दिन गृह मंत्री अमित शाह ने सासाराम और अरवल में चुनावी सभाएं कीं। अरवल की रैली में उन्होंने महागठबंधन पर करारा हमला करते हुए कहा कि “भाकपा (माले) लिबरेशन बिहार में उद्योग स्थापित नहीं होने देगी। राहुल गांधी बिहार से इटली तक यात्रा निकाल सकते हैं, लेकिन हम घुसपैठियों को यहां नहीं रहने देंगे।” शाह ने दावा किया कि पहले चरण की वोटिंग से ही जनता का रुख साफ हो गया है कि “राजद-कांग्रेस गठबंधन की करारी हार तय है।”
NDA बनाम महागठबंधन की टक्कर
दूसरे चरण में मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा माना जा रहा है। महागठबंधन की ओर से राजद, कांग्रेस और वाम दलों ने एकजुट होकर बीजेपी और जेडीयू गठबंधन को चुनौती दी है। वहीं एनडीए ने अपने विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और रोजगार के वादों को केंद्र में रखकर प्रचार किया।
मतदाताओं पर नजर
दूसरे चरण के मतदान में लगभग 2.5 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक है। चुनाव आयोग ने सभी जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस, अर्धसैनिक बल और राज्य की विशेष टुकड़ियों को मतदान केंद्रों पर तैनात किया गया है। अब सबकी नजरें 11 नवंबर पर टिकी हैं, जब 122 सीटों के लिए वोटिंग होगी और तय होगा कि बिहार की सत्ता पर किसका कब्जा होगा — एनडीए का या महागठबंधन का।