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08-Nov-2025 11:33 AM
By First Bihar
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद कुल 121 सीटों पर उम्मीदवारों का भविष्य अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद हो गया है। पटना, मुजफ्फरपुर समेत कुल 18 जिलों में 6 नवंबर को मतदान संपन्न होने के बाद सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाकर कड़ी सुरक्षा के बीच लॉक कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने इसे तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था में रखा है, जिसे वे कहते हैं कि “यह इतना सुरक्षित है कि परिंदा भी प्रवेश नहीं कर पाएगा।” इन मशीनों को मतगणना के दिन यानी 14 नवंबर को ही सीधे काउंटिंग सेंटर पर ले जाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय के अनुसार, पहले चरण में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर जिले में कुल 45,341 बूथों पर मतदान हुआ। मतदान समाप्त होने के बाद, ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को उम्मीदवारों, पोलिंग एजेंटों और केंद्रीय प्रेक्षकों की उपस्थिति में वीडियोग्राफी कराते हुए डबल लॉक सिस्टम के तहत सुरक्षित स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया।
चुनाव आयोग ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया है। इसमें दो स्तर की शस्त्र सुरक्षा तैनात की गई है, जबकि अंदरूनी सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्द्ध सैनिक बल (CRPF/BSF) और बाहरी सुरक्षा के लिए जिला पुलिस जिम्मेदार है। इसके साथ ही, परिसर में सीसीटीवी कैमरों से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
वहीं, आजेडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंप पर पोस्ट जारी करते हुए सुरक्षा को लेकर कहा कि जब तक स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम नहीं लॉक हो जाता है तब तक कड़ी निगरानी जरुरी है।
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि मॉक पोल के दौरान खराब पाई गई और सुरक्षित बची हुई अन्य ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को भी निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रूप से रखा गया है। सभी उम्मीदवारों को लिखित रूप से यह सूचित किया गया है कि वे अपने प्रतिनिधियों को स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी के लिए नियुक्त कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें सुरक्षा की आंतरिक परिधि में रहने की अनुमति नहीं दी गई।
चुनाव आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम का सीसीटीवी फुटेज सभी उम्मीदवारों और पार्टियों के प्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध कराया है। मतगणना के दिन, यानी 14 नवंबर को स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाएगा और पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के तहत की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतगणना पूर्ण रूप से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हो।
चुनाव आयोग की यह व्यवस्था बिहार विधानसभा चुनाव की ईमानदारी और निष्पक्षता को बढ़ावा देने का प्रयास है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वोटों की गिनती और परिणाम पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव या अवैध हस्तक्षेप न हो। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी उम्मीदवार और उनके प्रतिनिधि सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए मशीनों की निगरानी कर सकते हैं।
इस प्रकार, पहले चरण की वोटिंग पूरी होने के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा, पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की प्रक्रिया मजबूत और निष्पक्ष बनी हुई है।