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Bihar cabinet expansion : बिहार में भाजपा के नए मंत्रियों की एंट्री तय, जानिए पूरी लिस्ट और राजनीतिक समीकरण

बिहार में आज नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। भाजपा की ओर से इस बार आठ नए और पुराने चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल रही है, जिससे राजनीतिक समीकरण बदलने वाले हैं।

20-Nov-2025 09:29 AM

By First Bihar

Bihar cabinet expansion : बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने राजनीतिक सफर में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। गांधी मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में एनडीए के सभी सहयोगी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी अपने मंत्री मंडल के चेहरों की घोषणा कर चुकी है, जिसमें कई नए चेहरे शामिल किए जा रहे हैं।


भाजपा, जो इस बार के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, कैबिनेट में नए और अनुभवी चेहरों का संतुलन बनाए रखने की कोशिश में है। पार्टी हाईकमान और राज्य नेतृत्व की बैठक के बाद जारी पहली लिस्ट के मुताबिक इस बार भाजपा की ओर से आठ विधायक मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।


कौन-कौन लेगा मंत्री पद की शपथ?

जारी सूची के अनुसार जिन आठ विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा रही है, उनमें शामिल हैं—

श्रेयसी सिंह – पहली बार विधायक बनीं श्रेयसी सिंह को मंत्री बनाया जा रहा है। उन्होंने जमुई से शानदार जीत हासिल की थी। एक अंतरराष्ट्रीय शूटिंग चैंपियन रह चुकीं श्रेयसी की छवि साफ-सुथरी और दमदार मानी जाती है। युवा और महिला चेहरा होने के कारण भाजपा की रणनीति में वे एक बड़ा रोल निभाने वाली हैं।


रमा निषाद – पार्टी उन्हें निषाद समाज के मजबूत प्रतिनिधि के रूप में देखती है। इस बार भाजपा सामाजिक समीकरण साधने पर खास फोकस कर रही है, जिसमें रमा निषाद की भूमिका अहम होगी।


सुरेंद्र मेहता – संगठन से लेकर विधानसभा तक एक अनुभवी चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। उन्हें प्रशासनिक समझ और राजनीतिक अनुभव के कारण मंत्री पद मिल रहा है।


मंगल पांडे – भाजपा के वरिष्ठ नेता और पहले भी मंत्री रह चुके मंगल पांडे इस बार फिर मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। वे स्वास्थ्य एवं संगठनात्मक भूमिकाओं में पहले भी अपनी दक्षता दिखा चुके हैं।


नितिन नवीन – पार्टी के तेजतर्रार नेताओं में गिने जाने वाले नितिन नवीन पटना साहिब सीट से लंबे समय से लगातार जीत दर्ज करते आए हैं। उनकी वापसी को भाजपा के शहरी वोटबैंक की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।


नारायण शाह – एक और नया चेहरा जिन्हें इस बार मंत्री बनाया जा रहा है। उनकी गिनती भाजपा के उभरते नेताओं में होती है और पार्टी उन्हें संगठनात्मक मजबूती के लिए कैबिनेट में ला रही है।


रामकृपाल यादव – केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर अनुभव रखने वाले रामकृपाल यादव को मंत्री बनाकर भाजपा सामाजिक समीकरण के साथ राजनीतिक मजबूती का संदेश देना चाहती है।


संजय टाइगर – जमीन से जुड़े नेता और एक सक्रिय संगठनात्मक चेहरा। पार्टी उन्हें मंत्री बनाकर क्षेत्रीय समीकरण भी मजबूत करने की कोशिश में है।


क्यों खास है यह कैबिनेट?

इस बार भाजपा ने कैबिनेट में नए चेहरों को जगह देकर यह संकेत साफ कर दिया है कि पार्टी आने वाले वर्षों में संगठन को और मजबूत करने और नई पीढ़ी के नेताओं को प्रमोट करने की नीति पर चल रही है।इसके अलावा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर भी गहरी पकड़ दिखाई देती है महिला प्रतिनिधित्व, युवा चेहरा, पिछड़ा, अति पिछड़ा और दलित वर्ग का संतुलन अनुभवी नेताओं का सहयोग भाजपा के इस नए संयोजन से साफ हो रहा है कि पार्टी ना केवल सरकार में बल्कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर अपने कदम बढ़ा रही है।


नीतीश कुमार की शपथ: राजनीतिक संदेश

नीतीश कुमार का 10वीं बार मुख्यमंत्री बनना अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। एनडीए के भीतर एक बार फिर मजबूती का संदेश जाता है। भाजपा और जदयू के बीच तालमेल इस शपथ ग्रहण से आगे आने वाले पांच साल की सरकार को दिशा देगा। गांधी मैदान में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह इस बार खास इसलिए भी है क्योंकि भाजपा राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है। कैबिनेट में नए चेहरों की एंट्री राजनीतिक समीकरणों का नया कैलकुलेशन। एनडीए में शक्ति संतुलन का नया दौर। 


बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही भाजपा ने यह साफ कर दिया है कि वह विकास, प्रशासनिक सुधार और सामाजिक संतुलन पर आधारित नई शुरुआत करने जा रही है। आठ नए मंत्रियों की सूची इस बात का संकेत है कि पार्टी ने अपने संगठन और भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए बेहद रणनीतिक फैसले लिए हैं। नीतीश कुमार की 10वीं शपथ और भाजपा के नए मंत्रियों की एंट्री मिलकर बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में कई नए समीकरण तय करेगी।