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27-Sep-2025 10:11 AM
By First Bihar
Bihar Assembly Elections 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा अब केवल औपचारिकता भर रह गई है, लेकिन चुनावी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। अब राज्य में निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति तैयार की है।
जानकारी के मुताबिक, आगामी चुनाव में बिहार में करीब 350 से 400 कंपनियां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और अन्य राज्यों की पुलिस इकाइयों को तैनात किया जाएगा। एक सीएपीएफ कंपनी में औसतन 70-80 सुरक्षाकर्मी होते हैं, इस हिसाब से बिहार में हजारों अतिरिक्त जवानों की तैनाती होगी। ये जवान राज्य के संवेदनशील जिलों, मतदान केंद्रों और सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम करेंगे। इनमें वे बल भी शामिल हैं जो सामान्यतः देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करते हैं, जिससे चुनाव के दौरान सुरक्षा का स्तर और मजबूत हो सके।
वहीं, निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि चुनाव की तारीखों की घोषणा अक्टूबर के पहले सप्ताह में हो सकती है। इसके तुरंत बाद केंद्रीय बलों की कंपनियों को बिहार भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। संबंधित बलों को पहले ही तैयार रहने के आदेश दे दिए गए हैं और तैनाती का प्रोटोकॉल भी अंतिम चरण में है।
बता दें कि बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों पर चुनाव होंगे और ऐसे बड़े स्तर पर चुनाव कराने के लिए राज्य की स्थानीय पुलिस बल अकेले पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। इसीलिए केंद्रीय बलों की तैनाती न केवल मतदान के दिन, बल्कि नामांकन, चुनाव प्रचार, मतगणना और चुनाव परिणामों के समय भी की जाएगी। इनका मुख्य कार्य भीड़ नियंत्रण, आपात स्थितियों से निपटना, मतदान केंद्रों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण मतदान को सुनिश्चित करना होगा।
राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील राज्य माने जाने वाले बिहार में चुनावी माहौल कई बार तनावपूर्ण हो सकता है। पिछले चुनावों में हुई हिंसा और गड़बड़ियों के उदाहरणों को ध्यान में रखते हुए, इस बार निर्वाचन आयोग किसी भी तरह की हिंसा या डर के माहौल से मतदाताओं को मुक्त रखने के लिए बेहद गंभीर है।
जानकारों का मानना है कि जब तक मतदाता निर्भय और निष्पक्ष वातावरण में मतदान नहीं करेंगे, तब तक लोकतंत्र की असली भावना पूरी नहीं हो सकती। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था इस बार न केवल व्यापक है, बल्कि इसे प्राकृतिक आपदाओं और साइबर खतरों जैसी आधुनिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
कुल मिलाकर, बिहार चुनाव 2025 को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग, गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के बीच अभूतपूर्व समन्वय देखने को मिल रहा है। यह सुनिश्चित करने की हर कोशिश हो रही है कि राज्य के हर मतदाता तक लोकतंत्र की पहुंच सुरक्षित, निष्पक्ष और निर्भीक माहौल में हो।