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19-Oct-2025 03:08 PM
By First Bihar
Bihar Assembly Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को स्वतंत्र, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्र सरकार के अनुच्छेद 324 और Representation of the People Act, 1951 की धारा 20B के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक (Central Observers) नियुक्त किए हैं। इन पर्यवेक्षकों का मुख्य उद्देश्य चुनावों के दौरान सभी गतिविधियों पर नजर रखना, किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना और मतदाताओं तथा उम्मीदवारों के हितों की रक्षा करना है।
चुनाव आयोग ने पहले ही बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के चरण-1 और चरण-2 के लिए पर्यवेक्षक तैनात कर दिए हैं। चरण-1 में 121 सामान्य पर्यवेक्षक और 18 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जबकि चरण-2 के लिए 122 सामान्य पर्यवेक्षक और 20 पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
पर्यवेक्षकों ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों का पहला दौर पूरा कर लिया है और अब वे अपने संबंधित क्षेत्रों में नियमित रूप से तैनात हैं। चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि वे पूरी प्रक्रिया की नजदीकी निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों।
इसके तहत पर्यवेक्षक राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं के लिए पूरी तरह से उपलब्ध रहेंगे और उनकी शिकायतों का समाधान करेंगे। इसके अलावा, पर्यवेक्षकों को सभी मतदान केंद्रों का दौरा करने का निर्देश दिया गया है ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके। वे चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में लागू की गई नई पहल जैसे ई-प्रणाली, वोटर फ्रेंडली सुविधाएं और मतदाता सहायता केंद्रों (Voter Facilitation Centers) की सही तरीके से कार्यान्वयन की भी निगरानी करेंगे।
चुनाव आयोग की ये तैयारियां यह सुनिश्चित करने के लिए की गई हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव और उपचुनाव निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हों। पर्यवेक्षकों की निगरानी से मतदाता, उम्मीदवार और राजनीतिक दलों को विश्वास होगा कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष है।
इस प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक सहायता भी शामिल है, जैसे कि पोलिंग बूथों की समय पर तैयारियां, सुरक्षा इंतजाम, और मतदान केंद्रों पर निगरानी के लिए पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती। पर्यवेक्षकों की नियमित यात्राओं और निरीक्षणों से चुनाव की पारदर्शिता में वृद्धि होगी और किसी भी प्रकार की धांधली की संभावना कम होगी।
चुनाव आयोग का उद्देश्य न केवल चुनाव संपन्न कराना है, बल्कि मतदाताओं को सुरक्षित और सुविधाजनक मतदान का अनुभव प्रदान करना भी है। पर्यवेक्षक मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देंगे कि सभी मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग आसानी से कर सकें। इस तरह की पहल से मतदाता विश्वास बढ़ता है और लोकतंत्र मजबूत होता है।
इस बार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पर्यवेक्षकों की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि उनका काम न केवल चुनाव की निगरानी करना है, बल्कि मतदाताओं और उम्मीदवारों के बीच भरोसा कायम करना भी है। चुनाव आयोग की सख्त निगरानी और पर्यवेक्षकों की सक्रिय भागीदारी से उम्मीद की जा रही है कि यह चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न होगा।
बहरहाल, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और उपचुनावों में चुनाव आयोग ने सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। केंद्रीय और पुलिस पर्यवेक्षक सभी क्षेत्रों में तैनात हैं, उन्होंने पहले दौर का निरीक्षण पूरा कर लिया है और अब अपने क्षेत्रों में नियमित निगरानी कर रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, मतदाताओं और उम्मीदवारों की शिकायतों का समाधान करना और मतदान केंद्रों पर सुविधाओं का सही कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। ऐसे में बिहार के मतदाता और राजनीतिक दल इस प्रक्रिया पर भरोसा कर सकते हैं कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक रूप से संपन्न होगा।