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24-Oct-2025 08:17 AM
By First Bihar
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव अब अंतिम चरण में है और चुनावी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। पहले चरण की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। वहीं, दूसरे चरण की तैयारियां पूरी जोर-शोर से चल रही हैं। 20 जिलों के 122 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1302 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे और एक-दूसरे का मुकाबला करेंगे। गुरुवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि थी, और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस अवसर पर 70 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस लिया।
दरअसल, नाम वापसी करने वाले दलीय नेताओं में कांग्रेस के प्रत्याशी ने वारसलीगंज और प्राणपुर विधानसभा क्षेत्र से अपने नामांकन पत्र वापस लिए। वहीं, वीआईपी के प्रत्याशी ने बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र से नाम वापस लिया। इस चरण में कुल 1761 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे, जिनमें से 1372 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र स्वीकार किए गए और 389 नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए। दूसरे चरण में मतदान 11 नवंबर को आयोजित होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को संपन्न होगी।
चुनाव आयोग ने इस बार विशेष ध्यान प्रवासी मतदाताओं पर दिया है। राज्य में सबसे अधिक प्रवासी मतदाता पूर्णिया जिले में पाए गए हैं। मतदाता सूची से 2 लाख 12 हजार 999 प्रवासी मतदाताओं को हटाया गया है। पूर्णिया में 17,128 मतदाताओं की प्रवासी सूची रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस जिले के पूर्णिया विधानसभा क्षेत्र में अकेले 13,031 मतदाताओं के नाम प्रवासी सूची में दर्ज होने के कारण हटाए गए हैं।
राज्य के अन्य जिलों में प्रवासी मतदाताओं के मामले में पश्चिम चंपारण दूसरे स्थान पर है। कटिहार में 14,545 मतदाता, पटना में 14,462 मतदाता और बेगूसराय में 12,497 मतदाताओं को प्रवासी होने के कारण मतदाता सूची से हटाया गया। चुनाव आयोग ने सभी 38 जिलों के प्रवासी मतदाताओं की सूची सार्वजनिक कर दी है।
विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। सभी मतदान केंद्रों पर मतदान की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया है, जिसमें विशेषकर प्रवासी मतदाताओं को उनके अधिकार और मतदाता सूची की जांच करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
इस बार के विधानसभा चुनाव में दलों की रणनीतियों और उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव का मुकाबला बेहद रोचक और निर्णायक होगा। दलों ने अपने उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया को पूरी गंभीरता से लिया है और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद मैदान पूरी तरह तैयार हो गया है।
विधानसभा चुनाव की तैयारी में मतदाता जागरूकता, उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि, और प्रवासी मतदाताओं की पहचान को प्राथमिकता दी गई है। चुनाव आयोग ने प्रवासी मतदाताओं को नोटिस भेजकर सूची से हटाने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से हो सके।
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में मतदाता, उम्मीदवार और प्रशासन सभी सक्रिय हैं। 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना के साथ, राज्य की राजनीतिक दिशा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला यह चुनाव तय करेगा कि अगले पांच साल के लिए बिहार में सत्ता का किसके हाथों में केंद्रित होगा। इस चुनाव को लेकर जनता की उत्सुकता और मतदान में सहभागिता इस बार विशेष रूप से बढ़ी हुई नजर आ रही है।