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Success Story: घर-घर अखबार पहुंचाने से शुरू हुआ सफर, आज करोड़ों का खड़ा किया बिजनेस, जानें पूरी कहानी

घर-घर अखबार पहुंचाने से शुरू हुआ सफर, आज करोड़ों का म्यूजिक स्टार्टअप बन गया। कैसे अनिर्बान भट्टाचार्य और पल्लब घोष ने अपने जुनून और संघर्ष से ‘गप्पू’ को दुनिया के सामने लाया, जानिए इस प्रेरणादायक कहानी में…

Success Story: घर-घर अखबार पहुंचाने से शुरू हुआ सफर, आज करोड़ों का खड़ा किया बिजनेस, जानें पूरी कहानी

22-Feb-2026 07:44 PM

By First Bihar

SUCCESS STORY: कभी घर-घर जाकर अखबार बांटने वाला लड़का आज करोड़ों का कारोबार खड़ा कर चुका है। यह प्रेरणादायक कहानी है ‘गप्पू’ नाम के म्यूजिक स्टार्टअप की, जिसकी शुरुआत अनिर्बान भट्टाचार्य और पल्लब घोष ने की। खास बात यह है कि यह कंपनी ऐसे आसान म्यूजिक इंस्ट्रुमेंट बनाती है, जिन्हें कुछ ही सेकेंड में सीखा जा सकता है।


पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा

अनिर्बान बताते हैं कि उनके पिता एक कंपनी में म्यूजिकल इंस्ट्रुमेंट बनाते और बाजार में गिटार बेचते थे। उन्होंने करीब 25 साल तक काम किया, लेकिन उन्हें उनके काम का पूरा सम्मान नहीं मिला। यही बात अनिर्बान के दिल में घर कर गई। उन्होंने तय किया कि वह संगीत के क्षेत्र में कुछ ऐसा करेंगे, जिससे पिता का सपना आगे बढ़ सके। इसी सोच से ‘गप्पू’ की शुरुआत हुई।


21 साल की उम्र में बनाया पहला काहुन

अनिर्बान को बचपन से ही संगीत का शौक था। 21 साल की उम्र में ड्रम सीखते समय उन्होंने ‘काहुन’ नाम का एक बॉक्स जैसा इंस्ट्रुमेंट देखा, जिसे तबले की तरह बजाया जाता है। उन्होंने अपने शिक्षक की मदद से खुद एक काहुन बनाया और उसमें कई सुधार किए। शुरुआत में यह सिर्फ शौक था, लेकिन धीरे-धीरे यही आइडिया बिजनेस में बदल गया।


पढ़ाई छोड़ी, लेकिन नहीं छोड़ा सपना

दूसरे फाउंडर पल्लब घोष ने 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए उन्होंने वेबसाइट डेवलपमेंट और डिजिटल मार्केटिंग का काम शुरू किया। साल 2020 में अनिर्बान ने उन्हें साथ जोड़ा। दोनों ने मिलकर 2022 में ‘गप्पू’ को आधिकारिक रूप से शुरू किया।


कभी अखबार बांटकर चलाते थे खर्च

अनिर्बान ने मैथ ऑनर्स की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन आर्थिक मजबूरी के कारण पढ़ाई जारी नहीं रख पाए। वह घर-घर अखबार बांटते थे और हर महीने 2500 से 3000 रुपये कमाते थे। इसी कमाई से वह अपने संगीत के शौक को जिंदा रखे हुए थे। आज वही शौक एक बड़े कारोबार का रूप ले चुका है।


क्या बनाती है कंपनी

‘गप्पू’ जैम बॉक्स, काहुन, बॉन्गो और ताल जैसे इंस्ट्रुमेंट बनाती है। कंपनी का दावा है कि इन इंस्ट्रुमेंट्स को सीखने में ज्यादा समय नहीं लगता और कोई भी व्यक्ति आसानी से बजाना शुरू कर सकता है। सभी प्रोडक्ट कोलकाता में ही तैयार किए जाते हैं। आगे चलकर कंपनी गिटार, पियानो और ड्रम जैसे बड़े इंस्ट्रुमेंट्स भी बनाने की योजना बना रही है।


तेजी से बढ़ा कारोबार

कंपनी की कमाई हर साल बढ़ रही है। 2022-23 में कंपनी ने 31 लाख रुपये का कारोबार किया। 2023-24 में यह बढ़कर 39 लाख रुपये हो गया और 2024-25 में 52 लाख रुपये तक पहुंच गया। 2025-26 में कंपनी का लक्ष्य 3 करोड़ रुपये का कारोबार करने का है। कंपनी का औसत ऑर्डर 2200 से 2500 रुपये के बीच है।


शार्क टैंक से मिला निवेश

‘गप्पू’ की कहानी शार्क टैंक इंडिया के मंच तक पहुंची। फाउंडर्स ने 1 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 30 लाख रुपये की मांग की। कई जजों ने उनकी तारीफ की, लेकिन निवेश नहीं किया। आखिरकार अमित जैन ने 3 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 10 लाख रुपये निवेश और 20 लाख रुपये का कर्ज देने का प्रस्ताव रखा। फाउंडर्स ने इस ऑफर को स्वीकार कर लिया।