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11-Jul-2025 07:40 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के सुपौल जिले में मछुआरा दिवस के मौके पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा प्रशासनिक प्रकरण सामने आया। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे बिहार सरकार के PHED मंत्री नीरज कुमार बबलू। इसी दौरान जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु कुमार शराब के नशे में मंच पर पहुंचे, जिससे प्रशासन और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
दरअसल, कार्यक्रम सुपौल टाउन हॉल में आयोजित था, जहां मंच पर उपस्थित शंभु कुमार की गतिविधियों से जिलाधिकारी सावन कुमार को संदेह हुआ। जब डीएम ने उन्हें पास बुलाया, तो उनके मुंह से शराब की तेज गंध आ रही थी। संदेह पुख्ता करने के लिए डीएम ने तुरंत कार्रवाई की।
डीएम ने शंभु कुमार को सर्किट हाउस बुलवाया और उत्पाद विभाग को सूचित किया। वहां पहुंची टीम ने ब्रेथ एनालाइजर से जांच की, जिसमें 10 मिलीग्राम अल्कोहल की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें उत्पाद अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
उत्पाद विभाग की टीम ने अधिकारी को थाना ले जाकर ब्लड सैंपल लिया और FIR दर्ज की। फिर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है और सरकारी अधिकारियों पर इसका उल्लंघन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
जानकारी के मुताबिक, जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु कुमार इससे पहले भी शराब पीने के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना न केवल सरकारी सेवा के अनुशासन पर सवाल उठाती है, बल्कि शराबबंदी कानून की गंभीरता को भी उजागर करती है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार सरकार शराबबंदी को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। डीएम की तत्परता और कड़े कदम ने यह संदेश दिया है कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट- संत सरोज
Bihar News: बिहार के सुपौल जिले में मछुआरा दिवस के मौके पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा प्रशासनिक प्रकरण सामने आया। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे बिहार सरकार के PHED मंत्री नीरज कुमार बबलू। इसी दौरान जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु कुमार शराब के नशे में मंच पर पहुंचे, जिससे प्रशासन और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
दरअसल, कार्यक्रम सुपौल टाउन हॉल में आयोजित था, जहां मंच पर उपस्थित शंभु कुमार की गतिविधियों से जिलाधिकारी सावन कुमार को संदेह हुआ। जब डीएम ने उन्हें पास बुलाया, तो उनके मुंह से शराब की तेज गंध आ रही थी। संदेह पुख्ता करने के लिए डीएम ने तुरंत कार्रवाई की।
डीएम ने शंभु कुमार को सर्किट हाउस बुलवाया और उत्पाद विभाग को सूचित किया। वहां पहुंची टीम ने ब्रेथ एनालाइजर से जांच की, जिसमें 10 मिलीग्राम अल्कोहल की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें उत्पाद अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
उत्पाद विभाग की टीम ने अधिकारी को थाना ले जाकर ब्लड सैंपल लिया और FIR दर्ज की। फिर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है और सरकारी अधिकारियों पर इसका उल्लंघन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
जानकारी के मुताबिक, जिला मत्स्य पदाधिकारी शंभु कुमार इससे पहले भी शराब पीने के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में अब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना न केवल सरकारी सेवा के अनुशासन पर सवाल उठाती है, बल्कि शराबबंदी कानून की गंभीरता को भी उजागर करती है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार सरकार शराबबंदी को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। डीएम की तत्परता और कड़े कदम ने यह संदेश दिया है कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट- संत सरोज